फोटो-40-बिधूना में कोहरे के बीच निकलते वाहन। संवाद
औरैया। मार्च के महीने में मौसम का अचानक बदला मिजाज मंगलवार तड़के लोगों के लिए हैरानी का कारण बन गया। सुबह के समय शहर और आसपास के इलाकों में हल्का कोहरा छा गया, जिससे लोगों को ठंडक और धुंध का अहसास हुआ।
हालांकि कुछ ही देर बाद सूरज निकलने के साथ ही कोहरा छंट गया और दोपहर होते-होते तेज धूप व गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. रामपलट के अनुसार पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। सोमवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। रात के समय तापमान में आई तेज गिरावट के कारण वातावरण में नमी बढ़ गई, जिसकी वजह से मंगलवार तड़के कोहरा छा गया।
उन्होंने बताया कि सुबह के समय नमी और हल्की ठंडक के कारण धुंध की स्थिति बन गई थी। हालांकि सूरज निकलने के बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगा और दोपहर तक मौसम पूरी तरह साफ हो गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दिन में तेज धूप के कारण लोगों को गर्मी का एहसास हुआ और कई स्थानों पर लोग धूप से बचने के उपाय करते दिखाई दिए।
गेहूं की फसल पर आ सकता है संकट
मौसम में इस तरह का अचानक बदलाव किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। डॉ. रामपलट ने बताया कि यदि अगले दो-तीन दिनों तक इसी तरह सुबह के समय कोहरा या अधिक नमी बनी रहती है तो इसका असर गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। खेतों में नमी बढ़ने से गेहूं की बालियों में फंगस या अन्य रोग लगने की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी फसलों की नियमित निगरानी करें। यदि खेतों में अधिक नमी या किसी प्रकार के रोग के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेकर उचित दवा का छिड़काव करें। समय रहते सावधानी बरतने से फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है और उत्पादन पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकता है।