औद्योगिक नगर दिबियापुर से सटी ग्राम जमुहां की ऊसर बंजर के नाम से दर्ज पांच एकड़ जमीन को जिला प्रशासन ने पीएसी के साथ पहुंचकर खाली कराया। हालांकि इस दौरान कोई विरोध प्रदर्शन करने तो नहीं आया। परंतु कुछ भवन स्वामियों ने कुछ लोगों पर फर्जी तरीके से जमीन बेचने की शिकायत अधिकारियों से अवश्य कीं।
गुरुवार अपरान्ह एक बजे एसडीएम जितेंद्र श्रीवास्तव, तहसीलदार रामनयन, नायब तहसीलदार शमशेर सिंह, थानाध्यक्ष मो.फहीम अख्तर के साथ वैदिक महाविद्यालय के ठीक सामने पड़ी ग्राम जमुहां की ग्रामसभा की जमीन को खाली कराने पहुंचे। एक ट्रक पीएसी की मौजूदगी में जेसीबी ने पक्के अतिक्रमण का ढहाना प्रारंभ कर दिया>
45- 45 मीटर हिस्से में बनी बाउंड्री एवं उसके अंदर बने कमरे को ध्वस्त कर दिया। इसके पास में ही एक खेत में बनी बाउंड्री को ग्राम सभा की सीमा तक तोड़ दिया।
ग्रामसभा की भूमि पर अवैध रूप से बनाए गए रास्ते पर बने पक्के गेट को तोड़ दिया गया। इसके साथ ही एक निर्माणाधीन एवं एक बने मकान के अतिक्रमित हिस्से को तोड़ दिया गया।
इस दौरान एक पक्के मकान की महिला गृहस्वामी ने एसडीएम को बैनामा के कागजात दिखाकर मोहलत मांगी, लेकिन अधिकारियों ने साफ कहा कि पूर्व में चेतावनी के बावजूद उन लोगों ने निर्माण कराया है। इसलिए कोई मोहलत नहीं दी जा सकती। हालांकि बाद में मकान के छज्जे को तोड़कर शेष अतिक्रमित हिस्से को स्वयं तोड़ लेने के लिए कहा।
अधिकारियों ने बताया कि दो घंटे तक चले इस अभियान में ग्रामसभा की पांच एकड़ जमीन खाली करा ली गई है।
चेतावनी दी कि शेष ग्रामसभा की भूमि को खाली कराने के लिए भवन स्वामियों को नोटिस भेजकर खाली कराया जाएगा। बताते हैं कि यहां 33 एकड़ ग्रामसभा की भूमि है। इसमें से काफी जमीन पर लोगों ने अवैध अतिक्रमण कर रखा है। अभियान के दौरान एसआई विनीत उपाध्याय, कानूनगो केशव कुमार, लेखपाल सेहुद ज्ञानसिंह यादव आदि मौजूद रहे।
दिबियापुर के आसपास ग्राम पंचायतों में अवैध कब्जे बढ़े - दिबियापुर (औरैया)। जिले के उपनगर दिबियापुर में तेजी के साथ औद्योगिकीकरण की संभावनाओं के चलते बाहरी लोग बसते चले गए। इसके साथ ही यहां जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं।
जमीन की बढ़ती कीमतों के बीच दिबियापुर से सटी ग्राम पंचायतों की भूमि पर भूमाफियाओं की नजर पड़ गई, यहां अवैध कब्जे प्रारंभ हुए। आलम यह है कि ग्रामसभा जमुहां, सेहुद, ककराही, लखनापुर, असेनी, अबाबर, उमरी में ग्रामसभा की भूमि पर लोगों द्वारा सर्वाधिक कब्जे किए गए।