एरवाकटरा। रविवार की देर रात थाना पुलिस के द्वारा सक्रियता बरतते हुए ऑपरेशन मुस्कान के तहत दो मासूमों को उनकी मां से मिलाया। मां को देख बच्चों के उदास चेहरों पर रौनक लौटी।
मैनपुरी जनपद के बिछवा थाना क्षेत्र के गांव सिमरई निवासी राहुल अपने दो मासूम पुत्रों 5 वर्षीय दक्ष व 7 वर्षीय देव के साथ बिधूना थाना क्षेत्र के गांव वरुआ अपनी ससुराल आ रहा था। वह किशनी से देर शाम बिधूना जाने वाली बस पर बच्चों के साथ सवार हुआ। शराब का आदी राहुल किशनी चौराहे पर बस चलने में देरी समझकर शराब पीने के लिए उतर गया। शराब पीकर नशे में इतना धुत हो गया कि उसे यह होश ही नहीं रहा कि वह अपने बच्चों को बस में बैठा आया है। अपने समय पर बस किशनी से बिधूना के लिए रवाना हो गई। पहले तो परिचालक ने किसी और सवारी के बच्चे समझकर उन पर ध्यान नहीं दिया। जब उमरैन आते-आते बस लगभग खाली हो गई और बच्चों के साथ उनकी मां या अन्य कोई न देख परिचालक ने बस में बैठी सवारियों से बच्चों के बारे में पूछा। देव नामक बच्चे ने बताया कि उसके पिता उन्हें बस में बैठाकर यह कहकर कहीं चले गए कि सीट से नीचे मत उतरना। जिसके बाद बस के चालक परिचालक ने दोनों मासूमों को एरवाकटरा में बस से उतार कर पुलिस के पास लेकर पहुंचे। परिजन नजर न आने पर दोनों बच्चों की आंखों से आंसू छलक रहे थे। थाना प्रभारी संत प्रकाश पटेल ने बच्चों को दुलार करते हुए पहले खाना खिलाया। प्यार से पूछताछ की तो देव ने उन्हें पूरी घटना और अपने नाना के गांव का नाम बताया। जिसके बाद पुलिस ने संपर्क साधते हुए परिजनों को खोज निकाला। थाना प्रभारी संत प्रकाश पटेल ने बताया कि थाना परिसर लाए गए देव की दी गई जानकारी के अनुसार ननिहाल में बच्चों की मां को सूचना दी गई। जिसके बाद रात करीब 11 बजे मौके पर पहुंची बच्चों की मां नीरज व नानी सरोज को दोनों बच्चों को सौंप दिया गया है।