फफूंद। बुधवार को मोहर्रम पर्व की सात तारीख को कस्बा में अलम का जुलूस बड़े ही अकीदत व गमगीन माहौल में निकाला गया। जुलूस के दौरान जगह जगह लोगों को शर्बत पिलाकर व लंगर तकसीम कर स्वागत किया गया। देर शाम अलम का जुलूस अपने अपने मुकामों पर रवाना होकर समाप्त हुआ।
बुधवार सुबह 10 बजे सबसे पहले अलम के जुलूस की शुरुआत मोहल्ला भराव से हुई। जहां से अलम मोहल्ला ऊंचाटीला होता हुआ तिराहा चमनगंज पहुंचा। जुलूस में इन मोहल्लों के भी अलम शामिल होते गए। इसके बाद 10 से अधिक जुलूस चमनगंज तिराहे पहुंचे। जहां जुलूस में शामिल लोगों को शर्बत वितरित किया। इसके बाद जुलूस मोहल्ला मेवातियान पहुंचा। जहां पर मोहल्ला ज़ुबैरी, मुहल्ला केशरवानी तथा मोहल्ला मेवातियान के अलम भी जुलूस में शामिल हुए। इसके बाद सभी अलम अपने तय रास्ते से होते हुए मोहल्ला सैयदबाड़ा पहुंचे जहां सारे अलमों का सैदबाड़ा स्थित मैदान में मिलाप हुआ।
अलम में शामिल जुल्फिकार पर लोगों ने चांदी के मन्नती नीबू बांधकर मन्नत मानी। इमामबाड़े पर शिया समुदाय के लोग गमगीन माहौल में मातम करते रहे। इसके बाद अलम का जुलूस अपने अपने स्थानों पर पहुंचकर मुकम्मल हुआ। हमीद अंसारी, इखलाक अंसारी, रब्बानी अंसारी, सूफान अंसारी, शारिक खान, नदीम खान मौजूद रहे। वहीं सुरक्षा की दृष्टि से अजीतमल सीओ व थानाध्यक्ष और फोर्स के साथ जुलूस में मौजूद रहे।