पट्टे की सूची में अपात्रों को शामिल करने का आरोप लगा ग्राम जमुंहा के लोग अनशन कर रहे हैं। ककोर स्थित मुख्यालय पर चार दिन से अनशन कर रहे ग्रामीणों की न तो प्रशासन ने सुध ली और न ही स्वास्थ्य विभाग की टीम की इनकी सेहत जांचने आई।
अनशन कर रहे ग्राम पंचायत सदस्य और ग्रामीणों की सोमवार को हालत बिगड़ गई। इससे खफा ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
ग्रामीणों का आरोप है जमुंहा की प्रधान राजेश्वरी देवी और उनके पति रामसुंदर गरीबों को मिलने वाली पट्टे की जमीन 199 अपात्र लोगों की सूची बनाकर उनके नाम करने की तैयारी कर रहे हैं। इस मामले में कई बार डीएम से से शिकायत भी की गई, किंतु कोई ध्यान नहीं दिया गया।
सुनवाई न होते देख चार दिन पूर्व ककोर मुख्यालय पर ग्राम पंचायत सदस्य विनोद कुमार व रमेश चंद्र ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। सोमवार को अनशनकारियों की हालत बिगड़ने लगी। हैरत की बात तो यह कि डीएम कार्यालय के सामने चार दिन से भूख हड़ताल चल रही है, पर न तो जिला प्रशासन और न ही स्वास्थ्य महकमे ने इनकी सुध ली।
जिला प्रशासन की बेरुखी देख सोमवार को सौ से अधिक ग्रामीणों ने अनशन स्थल पर एकत्र होकर जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम से पुन: ग्राम प्रधान व उसके पति द्वारा अवैध तरीके से अपात्रों को किए जा रहे पट्टे की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की।
अनशनकारियों के समर्थन में कांग्रेस पदाधिकारी भी आ गए हैं। अनशन स्थल पर पहुंचे जिलाध्यक्ष कमलेश दीक्षित ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी कि वह कार्यशैली सुधार लें और ग्रामीणों के साथ न्यायपूर्ण कार्रवाई करें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो कांग्रेस भी आंदोलन को बाध्य होगी।