ओवरब्रिज के नीचे बंद क्रासिंग से साइकिल लेकर पटरी पार पार कर रहा एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साइकिल इंजन में फंसने के कारण ट्रेन को ड्राइवर ने रोक दिया। युवक की शिनाख्त शांतिनगर दिबियापुर निवासी के रूप में हुई। जीआरपी ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सुबह करीब साढ़े 10 बजे एक युवक साइकिल के साथ रेलवे लाइन पार कर रहा था। इसी दौरान कानपुर की ओर से आ रही ट्रेन संख्या 04911 जनसाधारण स्पेशल लोगों ने आती देखी। लोग चिल्लाने लगे, परंतु युवक नहीं रुका। तेज आवाज के साथ युवक की साइकिल ट्रेन से टकरा गई। साइकिल एवं युवक काफी दूर तक ट्रेन के साथ घिसटता चला गया। इस दौरान ट्रेन के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक लिया।
ट्रेन के इंजन में फंसी साइकिल को निकाला। इसके बाद ट्रेन को रवाना किया जा सका। मूल रूप से कर्मपुर निगड़ा औरैया के रहने वाले सैनिक नगर निवासी हरीकिशन दीक्षित ने साइकिल को देखकर शव की शिनाख्त अपने पुत्र स्वतंत्र कुमार दीक्षित (35) के रूप में की। मृतक स्वतंत्र कुमार दीक्षित गेल पाता की एक निजी कंपनी में काम करता था। 25 अक्टूबर को उसका गेल पाता में गेट पास खत्म हो गया था। माना जा रहा है कि युवक गेट पास रिन्यूवल करवाने के लिए जा रहा था।
छिन गया बुढ़ापे का सहारा
मृतक स्वतंत्र कुमार दीक्षित अपने मां बाप का बुढ़ापे का इकलौता सहारा था। आज उनका इकलौता सहारा छिन जाने के बाद सभी की आंखें नम थी। अपंग मां को लोग चारपाई पर रेलवे स्टेशन तक उसके बेटे का शव दिखाने ले गए। यह देख लोगों के आंसू छलछला आए। मृतक की एक बहन की शादी हो चुकी है। जबकि दूसरी बहन अविवाहित है। मृतक भी अविवाहित था।