मानसून आने के बाद बुधवार की रात को नहरों में पानी छोड़ा गया तो नरोत्तमपुर गांव में पानी ने कहर ला दिया। पानी छोड़े जाने के एक दिन ुपहले ही किसानों ने नहर में कुलावा लगा दिया था। बुधवार की देर रात जैसे ही नहर में पानी छोड़ा गया। तेज रफ्तार पानी ने कुलावे को तोड़ दिया। पानी के तेज बहाव के कारण कुलावा के हटने से पूरी की पूरी सड़क जा धसी और तेज रफ्तार से पानी खेतों में भर गया।
दो दिन मानसूनी बारिश में बोई गई धान की नर्सरी पानी में डूब गई। खेतों में पानी घुसने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में हाहाकर मच गया। सभी अपने-अपने खेतों का हाल जानने के लिए दौड़ पडे़। देखा तो गांव के सभी खेत पानी में डूबे थे। बची हुई नर्सरी को बचाने के लिए ग्रामीणों ने गड्ढा खोद कर खंदी को भरने के प्रयास किया लेकिन असफल साबित हुए। काफी देर प्रयास के बाद नहर विभाग को खंदी कटने की जानकारी दी गई।
नहर विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जाकर हालात पर काबू पाया। लेकिन तब तक धान की नर्सरी चौपट हो चुकी थी। ग्रामीणों ने बताया कि दो दिन पहले ही नर्सरी की बुआई हुई थी। करीब 100 बीधा खेतों में पानी भरा जिसमें करीब 10 बीधा खेत की नर्सरी पूरी तरह खराब हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।