दो मुंह वाले बच्चे के जन्म के बारे में जानकारी मिलते ही अस्पताल में भीड़ लग गई। जो भी सुना वह बच्चे की एक झलक पाने को बेताब हो गया। वहीं बच्चे के परिजन उसके इलाज को लेकर परेशान हैं। प्रसूता को पहले से दो बेटियां हैं। इस बार बेटा हुआ, लेकिन उसके दो मुंह होने से पिता फफक-फफक कर रोने लगा।
कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के तहत जसापुर गांव निवासी अनीता देवी को गुरुवार रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। इस पर उनके पति सतीश तिवारी ने उसे औरैया के न्यू मां सरोज नर्सिंग होम में भर्ती कराया। रात में हालत खराब होने पर कानपुर के नर्सिंग होम ले जाया गया।
डॉक्टर अनुराग सिंह का कहना है कि ऑपरेशन कर पेट से बच्चे को निकाल रहे थे। सिर बाहर आने के बाद भी बच्चा जब मां के शरीर से अलग नहीं हुआ तो और कोशिश की। इस पर बच्चे का दूसरा सिर भी बाहर आया। अल्ट्रासाउंड मेें जुड़वा बच्चे होने की रिपोर्ट के बाद जब दो सिर वाला एक बच्चा पैदा हुआ तो वह भी हैरान रह गए।
नवजात 3.45 किलोग्राम का है। फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। डाक्टर का कहना है कि हार्मोंस में असंतुलन के कारण ऐसी स्थिति हो सकती है। लेकिन इस तरह के मामले रेयर केस में आते हैं। प्रसव के बाद परिजन जच्चा-बच्चा को लेकर दोबारा औरैया स्थित नर्सिंग होम पहुंचे।
नर्सिंग होम में भर्ती अनीता की जेठानी प्रगति तिवारी ने बताया कि अनीता के पहले से दो लड़कियां बाबू (5) और नेहा (4) हैं। तीसरी डिलीवरी में लड़के का जन्म हुआ है। सतीश के बड़े भाई संदीप ने बताया कि ईश्वर ने जिस रूप में बच्चे को दिया है। उसे स्वीकार करना चाहिए।
बेटे की ख्वाहिश थी, रो पड़ा पिता
सतीश की दो बेटियां हैं। सतीश को बेटे की चाहत थी। जब उसे बेटा पैदा होने की जानकारी मिली तो वह खुशी से झूम उठा लेकिन ऑपरेशन थियेटर में जैसे ही उसने दो सिर वाला बेटा देखा तो उसकी आंखों से आंसू आ गए।
ऐसे बच्चों को अलग करना मुश्किल
जुड़े हुए बच्चे के अगर सभी अंग अलग-अलग हैं तो उन्हें थोड़ा बड़ा होने पर अलग किया जा सकता है। लेकिन इस बच्चे का पूरा शरीर एक ही है सिर्फ सिर दो हैं। ऐसे बच्चे के बड़े होने के बाद पूरा परीक्षण करने पर ही कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ. आरके त्रिपाठी, पीडियाट्रिक सर्जन, जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज