औरैया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष जगननाथ मिश्रा ने प्लॉट आवंटन के नाम पर धोखाधड़ी करने वाली कंपनी मेसर्स बियोंड रिसर्च एंड डेवलपमेंट लिमिटेड के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने महिला की ओर से जमा किए गए 1,40,910 रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ 45 दिनों के अंदर वापस करने का आदेश दिया है। साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये अतिरिक्त देने के लिए कहा है।
शहर के बदनपुर निवासी सरिता ने कानपुर स्थित मेसर्स बियोंड रिसर्च एंड डेवलपमेंट लिमिटेड और उसके एजेंट अनुराग के खिलाफ परिवाद दायर किया था। महिला के अनुसार एजेंट ने सवायजपुर कानपुर में किस्तों पर प्लॉट देने का झांसा दिया था। महिला के अनुसार उसने कुल 78 किस्तों में पैसा जमा करना शुरू किया और करीब 1.49 लाख रुपये जमा कर दिए थे।
महिला का आरोप था कि आर्थिक तंगी के कारण जब उन्होंने साल 2022 में अपनी पॉलिसी सरेंडर की और जमा रकम वापस मांगी तो कंपनी टालमटोल करने लगी। अधिवक्ता संजीव पांडेय के माध्यम से नोटिस भेजने पर भी कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद 30 मार्च 2025 को महिला ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से कोई भी हाजिर नहीं हुआ। इस पर आयोग ने एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए रसीदों के आधार पर 1,40,910 रुपये छह प्रतिशत ब्याज के साथ लाैटाने के आदेश दिए। आयोग ने पत्रावली का अवलोकन करने के बाद पाया कि कंपनी ने रुपये न लौटाकर सेवा में कमी की है।