शहरी और ग्रामीण सीमा में फंसी ग्राम कखावतू स्थित कांशीराम कालोनी के वाशिंदों का गुस्सा रविवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अचानक भड़क उठा।
खबर में कुरेदे गए जख्म और त्रिशंकु की हालत से खुद को उबारने के लिए सड़क पर उतरे गुस्साए आवास लाभार्थियों ने प्रशासन से खुद की स्थिति को स्पष्ट कराने को आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संघर्ष का आगाज करते हुए पीड़ित परिवारों ने कालोनी गेट पर एकत्रित होकर प्रशासन के प्रति प्रदर्शन कर नारेबाजी की।
रविवार के अंक में अमर उजाला ने नगर पालिका और विकास खंडीय सीमा विवाद में फंसी ग्राम कखावतू की कांशीराम कालोनी से संबंधित हमें बताओ, हम शहरी हैं या ग्रामीण, खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर प्रकाशित होने के कुछ घंटों बाद कालोनी में रह रहे 420 परिवार के भड़क गए।
खुद की स्थिति स्पष्ट करने को लेकर आवास लाभार्थी परिवार घरों की दहलीज लांघ सड़क पर उतर आए और पीड़ित आवास लाभार्थियों ने कालोनी गेट पर डेरा जमा हंगामी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे आवास लाभार्थियों ने निर्णय न होने तक संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया है।
आज के प्रदर्शन में चंद्रकली, नसीब जान, इंदू, ऊषा, सलमा, शायदा बेगम, रामकिशोर दुबे, असगर अली, बाबूलाल, कृष्ण मुरारी, मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में लाभार्थी शामिल रहे।
किस्मत की चार सौ बीसी -औरैया। पुलिसिया डायरी में 420 के अंकों को शुभ नहीं मानते हैं। यह एक कु:संयोग ही है कि नगर पालिका और सदर ब्लाक के सीमा विवाद में फंसी ग्राम कखावतू की कांशीराम कालोनी में 420 आवास हैं।
मौजूदा समय इस कालोनी में 420 ही गरीब परिवार रहे हैं। 420 के अशुभ अंकों का खेल देखिए साहब कि इन 420 परिवारों से उनकी किस्मत ही किस कदर चार सौ बीसी का खेल, खेल रही है।