लखनऊ में किराये के मकान में रह रहे आतंकी को एसटीएफ के मार गिराने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ है। इस घटना के बाद से जिले की पुलिस किरायेदारों की कुंडली खंगालने का प्लान तैयार कर रही है। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन और मतदाता पुनरीक्षण सर्वे की मदद भी ली जा सकती है।
जिले में कई घरों में लोग किराये पर रह रहे हैं। किरायेदारों के बारे में मकान मालिकों ने सत्यापन नहीं कराया है। स्थानीय पुलिस के पास भी इसकी जानकारी नहीं है। लखनऊ में आतंकी के एनकाउंटर के बाद कोतवाली पुलिस थाना चौकियों की मदद से संबंधित क्षेत्र में मकानों में किरायेदारों का सत्यापन कराएगी। किरायेदारों के बारे में पूरी जानकारी जुटाने के अलावा उनके पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों की फोटोकॉपी मकान मालिक के सत्यापन के साथ ली जाएगी। इससे किसी भी प्रकार की अनहोनी में तत्काल मदद मिल सके।
ये हैं नियम
यूं ही मकान को किराये पर नहीं उठाया जा सकता। किरायेदार रखने से पहले मकान मालिक को किरायेदारों के बारे में पूरी जानकारी लिखित रूप में लेनी होती है। इसमें किराये पर रहने आए लोगों से उनके परिचय पत्र, किसी स्थानीय व्यक्ति की लिखित गारंटी और शपथ पत्र भी शामिल होता है। बाद में मकान मालिक को किरायेदारों की लिखित जानकारी मोबाइल नंबर के साथ संबंधित थाना अथवा चौकी प्रभारी को देनी होती है।
मतगणना के बाद किरायेदारों के सत्यापन के लिए वृहद स्तर पर अभियान चलाया जाएगा। सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होगी।
रामकिशोर, एसपी