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जांच न कराने वाले शिक्षकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी

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परिषदीय विद्यालयों में तैनात दिव्यांग शिक्षकों के मेडिकल बोर्ड से जांच न कराने को लेकर बीएसए ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिले मेें अब तक 206 शिक्षकों को अंतिम नोटिस भेजकर दिसंबर के अंत तक प्रत्येक जांच कराने का अल्टीमेटम दिया गया है। तय समय में जांच न कराने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की तैयारी है।
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गौरतलब है कि जिले के 1516 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब साढ़े तीन हजार शिक्षक तैनात हैं। इसमें वर्ष 2009 से लेकर हुई विभिन्न नियुक्तियों व अंतर जनपदीय तबादले पर आए शिक्षकों के मूल अभिलेखों की जांच में 206 दिव्यांग शिक्षक पाए गए हैं।
इन सभी को पहले दो नोटिस देकर शासन द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड कानपुर की कमेटी से जांच कराने के निर्देश दिए गए। इनमें अधिकांश शिक्षकों ने अभी तक जांच नहीं कराई है। इस पर बीएसए ने कड़ा रुख अख्तियार कर अंतिम नोटिस जारी कर 31 दिसंबर तक प्रत्येक दशा में जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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सूत्रों का कहना है कि अधिकांश शिक्षक श्रवण ह्रास (कम सुनना) का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर दिव्यांग शिक्षकों को प्रदत्त विभिन्न सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। शासन से गठित मेडिकल कमेटी से जांच कराने में ऐसे शिक्षकों के हाथ-पांव फूल रहे हैं।
बीआरसी से लेकर बीएसए कार्यालय तक ऐसे शिक्षक अपने प्रमाण पत्र हटवाने की जुगत लगा रहे हैं। एक शिक्षक का कहना है कि जिन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र लगाकर नियुक्ति पाई है उनकी नौकरी जाना तय है। ऐसे शिक्षक भी जो फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर मनचाहे स्थान पर नियुक्ति आदि का लाभ ले रहे हैं उन पर भी विभाग कड़ी कार्रवाई करने का मन बना रहा है।
परिषदीय विद्यालयों में 206 शिक्षक दिव्यांग शिक्षक चिन्हित हुए हैं। इन्हें 31 दिसंबर तक जांच कराने के लिए अंतिम नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पूर्व में इन्हें दो नोटिस पहले ही दिए गए हैं। तय समय में जांच न कराने वाले शिक्षकों पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी। - एसपी सिंह, बीएसए
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