अजीतमल (औरैया)। कस्बे के एक शिक्षक दंपती से लखनऊ में प्लॉट दिलाने के नाम पर साढ़े 14 लाख रुपये की ठगी हुई। ड्रीम्ज इंफ्रावेंचर कंपनी का सीएमडी बताकर उन्हें झांसे में लिया गया।
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मंगलवार को समीर शेख, नसीमुल हसन व शालिनी उर्फ निशा निवासी आलमबाग लखनऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। मामला 10 साल पुराना है।
कस्बा में फिरोजनगर निवासी शीलू मिश्रा पत्नी वरुण कुमार ने सोमवार को पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें बताया कि वह और उनके पति दोनों ही शिक्षक हैं। मार्च 2015 में पति के मोबाइल पर समीर शेख नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने खुद को ड्रीम्ज इंफ्रावेंचर कंपनी का सीएमडी बताते हुए कम रेट व आसान किश्तों पर लखनऊ में प्लाॅट दिलाने की बात कही।
कई बार फोन करने के बाद 26 अप्रैल 2015 को शाम को समीर शेख साथियों के साथ चारपहिया वाहन से उनके घर आया और दोनों पर प्लाॅट लेने का दबाव बनाया। वह दोनों उसकी बातों में आ गए, इसके बाद 10 मई 2015 को प्लाॅट देखने लखनऊ गए, जहां उन्हें रगाड़ा होटल के पीछे कानपुर रोड पर प्लाॅट दिखाने के बाद बुकिंग की बात कही गई।
आरोप है कि रुपये न लाने की बात कहकर तब वह दोनों अपने घर लौट आए थे। उधर, 15 मई को समीर घर आया और 100 रुपये के स्टांप पर 1600 वर्गफीट का एक एग्रीमेंट उसके नाम किया।
इसके बाद में 16 अक्तूबर 2016 को 2400 वर्गफीट का एग्रीमेंट पति के नाम किया। उन्होंने चेक के जरिए 14 लाख 50 हजार 396 रुपये अपने खातों से ड्रीम्ज इंफ्रावेंचर और नसीमुल हसन के नाम भुगतान किया।
तहरीर के अनुसार यह चेकें उसका एजेंट ही घर से ले गया। आरोप है कि भुगतान के बाद भी न प्लॉट दिया गया और न ही पैसे। मांगने पर आरोपी उसे व पति को फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहा है।
इसे लेकर अप्रैल में दंपती कोर्ट गए थे। कोतवाली निरीक्षक ललितेश त्रिपाठी ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर समीर शेख, नसीमुल हसन व शालिनी उर्फ निशा निवासी आलमबाग लखनऊ पश्चिमी के नाम दर्ज कर की है।