औरैया। भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले 12 शिक्षकों पर प्रशासन ने भले ही रिपोर्ट दर्ज कराई है, लेकिन आरसी केवल सात की ही कटी है। इसकी वजह यह है कि तीन शिक्षकों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जबकि दो शिक्षक 2016 में पहले ही बर्खास्त हो चुके हैं। मालूम हो कि सात शिक्षकों में अमृता राजपूत से सबसे ज्यादा 5328239 रुपये की वसूली होनी है।
भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री पर नौकरी पाने वाले 12 शिक्षकों से तकरीबन पांच करोड़ की वसूली होनी थी। इस मामले में सभी 12 शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी है। फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने वाले शिक्षकों से वसूली की तैयारी पूरी हो चुकी है।
12 शिक्षकों में सात से रिकवरी होनी है। पीयूष कृष्ण, राजीव कुमार, बदन सिंह का मामला कोर्ट में चल रहा है, जबकि दिनेश कुमार व संजय कुमार 2016 में ही बर्खास्त हो चुके हैं। बीएसए एसपी सिंह ने बताया कि फर्जी शिक्षकों के खिलाफ पूरे प्रदेश में अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत आगरा विश्व विद्यालय द्वारा बीएड सत्र 2004-05 की डिग्री में हेरफेर करने में 12 शिक्षक फर्जी पाए गए थे।
अब इन सात शिक्षकों से होनी है वसूली
दिनेश चंद्र से 1592333 रुपये, रीना देवी से 3806152 रुपये, अमृता राजपूत से 5328239 रुपये, कृष्ण मुरारी से 3791704 रुपये, नरेंद्र सिंह से 1284425 रुपये, उमेश चंद्र शर्मा से 519267 रुपये और अशोक कुमार से 166562 रुपये की वसूली होनी है।