बेला। स्वच्छ जल मुहैया कराने के लिए जल निगम ने करोड़ों रुपये खर्च किए, पर 18 वर्ष गुजरने के बाद भी लोगों को पानी की एक बूंद नसीब नहीं हुई है। पिछले एक साल से कनेक्शन देने के लिए बिछाई जा रही पाइप लाइन का काम भी अधूरा पड़ा है। अधिकारी जुलाई तक काम पूरा करा कर आपूर्ति करने का दावा कर रहे हैं।
बिधूूना विकास खंड की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में शुमार बेला के लोगों के लिए स्वच्छ पानी एक सपना बन गया है। वर्ष 2003-04 में तत्कालीन ग्राम प्रधान नौबत सिंह यादव के प्रयास से करोड़ों रुपये लागत से ओवरहेड टैंक बनवाया गया था। इसके बनने के बाद बेला बस्ती समेत पास के मजरा पुरवा लक्षी, मनुआ पूर्वा, फतेहपुर, परसे पूर्वा व बेला चौराहे तक आपूर्ति की जानी थी।
शुरुआत के दिनों में कुछ महीने तो लोगों को पानी मिला। इसी बीच सड़क निर्माण के चलते पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। कई वर्ष तक पाइप लाइन ठीक नहीं कराई गई। इस बीच कई प्रधानों के कार्यकाल बदल गए। ग्राम पंचायत व जल निगम एक-दूसरे पर ठीकरा फोड़ता रहा। काफी जद्दोजहद और ग्रामीणों की मांग पर पिछले वर्ष कुछ स्थानों की पाइप लाइन ठीक कराई गई।
इसके बाद जल निगम ने हर घर जल, हर घर नल योजना के तहत कनेक्शन कराने का काम शुरू कर दिया। इस काम के चलते भी आपूर्ति नहीं हो सकी। जबकि कनेक्शन करने का काम भी छह माह में पूरा किया जाना था। हालात यह है कि आज भी काम चल रहा है। गर्मी में भी लोगों को एक बूंद पानी नहीं मिला।
अधिशासी अभियंता जल निगम संजीत कटियार ने कहा कि पानी की टंकी में जो खामियां थीं, वह ठीक करा दी गईं है। जहां पर पाइप लाइन लीकेज थी, उसे भी ठीक करा दिया गया है। कनेक्शन करने व लाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। जुलाई माह में इसे पूरा कर आपूर्ति की जाएगी।
क्या कहते लोग...
बेला के नीलकमल दुबे, अरविंद शुक्ला, प्रदीप पोरवाल ने बताया कि करीब 18 वर्ष गुजर गए, लेकिन लोगों को पानी की टंकी का लाभ नहीं मिल सका। यदि आपूर्ति चालू कर दी जाए तो बेला कस्बे के अलावा आसपास के मजरों के करीब नौ हजार लोगों को लाभ मिलेगा। गर्मी में लोग पानी के लिए परेशान होते हैं। वर्ष 2020 के नवंबर माह में टंकी की मरम्मत भी करा दी गई थी।