बिधूना (औरैया)। मौसम लगातार करवट बदल रहा है। बृहस्पतिवार को दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे, बीच-बीच में धूप भी निकली, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने 0.2 मिलीमीटर बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन 24 घंटे बीतने के बाद भी बारिश नहीं होने से पूर्वानुमान फिलहाल सही साबित नहीं हुआ। हालांकि, शुक्रवार के बाद भी बारिश की संभावना जताई गई है। जिससे तैयार हो चुकी धान और बाजरे की फसल में नुकसान के अंदेशे ने किसानों की चिंता बढ़ा रखी है।
कृषि मौसम वैज्ञानिक डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान में चार डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 30 डिग्री और न्यूनतम 24 डिग्री रहा। बुधवार की अपेक्षा हवा की रफ्तार भी बढ़कर करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई। क्षेत्र में धान की फसल अब लगभग तैयार हो चुकी है। कई स्थानों पर किसानों ने धान की कटाई भी शुरू कर दी है। कटाई के बाद धान दुकानों और मंडियों तक पहुंचने लगा है। कीरतपुर में बृहस्पतिवार को एक आढ़त पर धान की खरीद भी हुई। ऐसे में अब बारिश होने की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि धान इस समय पककर तैयार है। कई खेतों में कटाई चल रही है, जबकि कुछ स्थानों पर कटी हुई फसल भी खेतों में पड़ी है। यदि तेज बारिश हुई तो तैयार धान भीगने के साथ उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। वहीं, बाजार की फसल को भी नुकसान होने की आशंका है। बादलों को लेकर किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं।