औरैया। पिछले पंद्रह दिनों में चीनी के दामों में दस रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, इस नरमी के बावजूद बताशे की कीमतों में एक माह के भीतर 20 रुपये प्रति किलो का उछाल आया है। इससे उपभोक्ताओं और मिठाई कारोबारियों को मिली राहत अधूरी रह गई है।
लगातार बढ़े चीनी के दामों से परेशान उपभोक्ताओं और कारोबारियों को पिछले करीब पंद्रह दिनों में थोड़ी राहत मिली है। फुटकर बाजार में जो चीनी 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई थी, अब घटकर 60 से 62 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। थोक बाजार में भी फिलहाल चीनी करीब 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
चीनी के दामों में गिरावट से गृहिणियों और मिठाई कारोबारियों के चेहरों पर खुशी लौटी है। व्यापारियों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से आयात संबंधी फैसलों और जमाखोरी पर कड़ाई के चलते यह गिरावट आई है। इससे आने वाले दिनों में आपूर्ति सुधरने और दाम और कम होने की उम्मीद है। इस कदम से बाजार में चीनी की उपलब्धता भी बेहतर हुई है। यह उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
चीनी सस्ती होने के बावजूद बताशे के भाव कम नहीं हुए हैं। एक माह के भीतर बताशे की कीमत में प्रति किलो बीस रुपये तक का उछाल दर्ज किया गया है। बताशा कारोबारी धर्मेंद्र ने बताया कि वर्तमान में बताशा करीब अस्सी रुपये प्रति किलो बिक रहा है। एक माह पहले इसका भाव साठ रुपये के आसपास था। चीनी के भाव अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हुए हैं। इससे नया स्टॉक खरीदने में सतर्कता बरती जा रही है। यदि चीनी की कीमतें स्थिर होती हैं तो आने वाले दिनों में बताशे व अन्य मीठे उत्पादों के दाम भी गिर सकते हैं। बाजार में स्थिरता आने के बाद ही बताशे के दामों में कमी की उम्मीद की जा सकती है। यह उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत होगी।