जली अर्थिंग की खुदाई करते कर्मचारी, मौके पर मौजूद एसडीओ व जेई।
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शहर के बिजली घर में बनाई गई मानक विहीन अर्थिंग में शुक्रवार रात आग लग गई। इस पर कर्मचारियों ने बिजली अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर पहुंचे फायर कर्मचारियों ने लगी आग पर काबू पाया। अर्थिंग फुंकने से देर रात तक आपूर्ति ठप रही। इससे उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ा।
आरएपीडीआरपी योजना में करोड़ों रुपये खर्च कर लगभग ढाई साल पहले शहर को बिजली समस्याओं से मुक्त बनाया गया था। कार्यदाई संस्था कैपिटल कंपनी के कर्मचारियों की लापरवाही से कई कमियां रह गई थीं। शुरुआती दौर में इसका कोई असर नहीं दिखाई दिया। लेकिन धीरे-धीरे वह कमियां सामने आ रही हैं। शुक्रवार रात शहर के एक नंबर बिजली केंद्र पर लगे 10 एमवीए के ट्रांसफार्मरों की अर्थिंग सुलगने लगी। अर्थिंग कटते ही शहर की बिजली गुल हो गई। मौके पर मौजूद एसएसओ सुनील यादव ने रात में जेई शशिकांत मौर्या को सूचना दी। जेई ने तुरंत फायर कर्मियों को सूचना दी।
आधा घंटे के में पहुंचे फायर कर्मियों ने तेज उठती लपटों पर पानी डालकर एक घंटे में काबू पाया। इससे 10 एमवीए का ट्रांसफार्मर फुंकने से बच गया। इस संबंध में जेई शशिकांत मौर्या ने बताया कि कैपिटल कंपनी की ओर से बनाई गई अर्थिंग मानक के अनुरूप न होने के कारण जल गई। वहीं देर रात ठप हुई बिजली आपूर्ति से सुबह लोगों को पेयजल के संकट का सामना करना पड़ा।
सौ फीट गहरी बनाई गई अर्थिंग
कैपिटल कंपनी की ओर से मात्र 30-35 फीट गहरी बनाई गई बोरिंग को मानक विहीन मानते हुए विभाग की ओर से सौ फीट गहरी बोरिंग कराकर अर्थिंग तैयार कराई गई। इस संबंध में एसडीओ अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि बड़े ट्रांसफार्मरों के लिए कम से कम सौ फीट गहरी अर्थिंग ही सफल हो पाती है।
कैपिटल कंपनी की ओर से पहले कराए गए काफी काम मानक के अनुरूप नहीं दिखाई दे रहे हैं। कंपनी का पूरा भुगतान उनके आने से पहले ही किया जा चुका था। ऐसे में अब वह असहाय हैं। हालांकि हाल ही में कंपनी की ओर से कराए गए कामों की कुछ कमियां सामने आई हैं। जिसके लिए उनके अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित किया गया है।
पंकज शर्मा, एक्सईएन, डिस्ट्रीब्यूशन