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Auraiya News: कोर्ट में पीड़िता को नहीं साबित कर सके नाबालिग, दरोगा निलंबित

Sat, 01 Aug 2026 12:30 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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निलंबित दारोगा राजेंद्र कुमार। स्रोत: सोशल मीडिया - फोटो : 1
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औरैया। दिबियापुर थाने में तैनात एक दरोगा ने विवेचना के दौरान पॉक्सो एक्ट की धारा को बढ़ा दिया, लेकिन कोर्ट में इसे साबित नहीं कर पाए। इस मामले की शिकायत क्षेत्राधिकारी सदर ने पुलिस अधीक्षक से की। उन्होंने दरोगा निलंबित कर दिया। जांच क्षेत्राधिकारी बिधूना को दी है।
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दो जून को दिबियापुर की कांशीराम कॉलोनी में रहने वाली एक महिला ने बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले में आरोपी को आठ जुलाई को जेल भेज दिया था। इसकी विवेचना दरोगा राजेंद्र कुमार ने की। इसमें उन्होंने पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ा दी, जब पुलिस कोर्ट में रिमांड लेनी पहुंची तो कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट के जुड़े साक्ष्य मांगे, लेकिन विवेचक दिखा नहीं पाए। इसके अलावा हत्या के प्रयास की ओर से मुकदमे को घुमाने लगे। मामले की शिकायत क्षेत्राधिकारी सदर ने पुलिस अधीक्षक से की। इस पर पुलिस अधीक्षक ने विवेचक दरोगा को गुरुवार निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच क्षेत्राधिकारी बिधूना पी. पुनीत मिश्रा को सौंपी है। उन्हें मामले की गहनता से पड़ताल कर जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

निलंबित दरोगा बोला, बिना जांच के किया गया निलंबित

निलंबित दरोगा राजेंद्र कुमार का शुक्रवार शाम को एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ। हालांकि वायरल वीडियो की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता। वहीं, वीडियो में दरोगा कह रहे कि लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर अपहरण किया गया था। वह होश में नहीं थी। क्षेत्राधिकारी ने एसएटी की धारा बढ़ाकर विवेचना ट्रांसफॉर्मर कर दी थी। दरोगा ने कहा कि धारा 140 गलत लगाई गई। इसकी शिकायत क्षेत्राधिकारी ने पुलिस अधीक्षक से कर दी। आरोप लगाया कि बिना जांच कराए ही उन्हें निलंबित कर दिया गया।
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