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Auraiya News: एक साल बाद भी नहीं लगा एसटीपी प्लांट

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औरैया। शहर से निकलकर यमुना में जाने वाले दूषित पानी और सीवेज को रोकने के लिए 2022 से सर्वे के बाद योजना को 2023 में मंजूरी मिल गई। इसमें पालिका प्रशासन की ओर से एसटीपी बनाए जाने के लिए जालौन रोड पर जगह भी मुहैया करा दी गई। बावजूद इसके आज तक योजना पर काम शुरू नहीं हो सका है। इससे शहर का गंदा पानी नालों के माध्यम से यमुना में पहुंचकर यमुना के जल को प्रदूषित कर रहा है।
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प्रदेश सरकार की ओर से शहर में जल भराव की समस्या दूर करने को लेकर 42 करोड़ की योजना की अगस्त 2023 में स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। कार्यदायी संस्था जल निगम की सीएंडडीएस को इस योजना के लिए नामित भी किया जा चुका हैै। मजे की बात तो यह है कि एक साल बीतने के बाद भी आज तक यह योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
पालिका परिक्षेत्र में लगभग 40 साल पहले अंडरग्राउंड सीवर लाइन डाली गई थी, जो धीरे-धीरे अंदर ही अंदर चोक होने और उसकी सफाई न कराए जाने से आखिर वह पूरी तरह से बंद हो गई। ऐसे में शहर में जलभराव की समस्या खड़ी होने लगी। इस समस्या से बारिश के दिनों में शहरवासियाें को बहुत ही दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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इस तरह होगा समस्या का निदान-
दयालपुर से ईदगाह के रास्ते व जालौन रोड से होकर यमुना तक पहुंचाने वाले दोनों नालों के पानी को पहले एसटीपी पर एकत्रित किया जाएगा, जहां पानी को मशीनों के माध्यम से शुद्ध किया जाएगा। फिर उस शुद्ध पानी को पाइप के माध्यम से यमुना तक जाने दिया जाएगा।
बोले जिम्मेदार
एसटीपी के लिए जालौन रोड पर लगभग एक साल पहले जल निगम को जगह दी जा चुकी है। अब उनकी ओर से ही काम शुरू किया जाना है। इससे शहर की जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हो सकेगी।
- रामआसरे कमल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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इस्टीमेट में थी कुछ कमी



इटावा जल निगम, एई विमल कुमार ने बताया कि शहर से निकलने वाले दूषित जल को शुद्ध करने के लिए लगभग तीन करोड़ से एसटीपी बनाया जाना है। पालिका की ओर से जगह तो मिल गई थी, लेकिन शासन को भेजे गए इस्टीमेट में कुछ कमी के चलते फिर से दुरुस्त करके भेजा गया है। जल्द ही संस्तुति मिलने की उम्मीद है।
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