सिमर गांव में पोल लगाते बिजली कर्मी। स्रोत: कर्मचारी
औरैया। आंधी और बारिश ने रविवार को जिले की बिजली व्यवस्था की कमर तोड़ दी। चंद घंटों के कहर में बिजली के 150 पोल गिर गए। चार ट्रांसफार्मर जमीन पर आ गिरे। इससे सैकड़ों गांवों की बिजली गुल हो गई।
गर्मी और उमस के बीच हजारों लोगों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ी। विभाग को आपूर्ति बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाना पड़ा। अभी भी 20 से ज्यादा गांवों में बिजली व्यवस्था बेपटरी है।
विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता प्रशांत गुप्ता ने बताया कि रविवार को आई आंधी के कारण जनपद में कुल 150 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके अलावा चार प्रमुख स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी पोल से नीचे गिरकर क्षतिग्रस्त हो गए थे। विभाग ने कार्रवाई करते हुए गिरे हुए ट्रांसफार्मरों को दुरुस्त किया। कई स्थानों पर नए पोल खड़े किए गए हैं तो कुछ इलाकों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लाइन डालकर अस्थायी रूप से बिजली चालू कराई गई है।
उन्होंने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से विद्युत विभाग को करीब 10 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान है। जानकारी दी कि शहर के कखावतू फीडर के अंतर्गत आने वाले कई इलाकों में भी तार टूटने और पोल गिरने से सप्लाई ठप हो गई थी।
इस फीडर को सोमवार शाम करीब 5 बजे ही ठीक कर चालू कर दिया गया था। आंधी से भारी नुकसान हुआ है लेकिन टीमें लगातार फील्ड में डटी हुई हैं। जिन 20 गांवों में अभी बिजली बाधित है वहां भी काम आखिरी चरण में है। शाम तक इन गांवों में भी बिजली सप्लाई पूरी तरह बहाल कर दी जाएगी।