रेल बजट से नगर वासियों से खासी उम्मीदें लगा रखी हैं। अछल्दा रेलवे स्टेशन पर मुरी, गोमती और संगम के ठहराव की मांग पूरी होने की आस लोगों में जगने लगी है। रेलमंत्री ने मांगों पर गौर फरमाया तो लोगों को दिल्ली, कानपुर आने जाने के अतिरिक्त सुपरफास्ट साधन मिल सकेंगे। अछल्दावासी लंबे समय से जिले के महत्वपूर्ण स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग कर रहे हैं। कई साल बीत जाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। लोगों को उम्मीद है कि रेलमंत्री इस बार रेल बजट में उनकी मांगे अवश्य पूरी कर देंगे।
लोगों की प्रमुख मांगे-
सुबह से समय आगरा जाने के लिए ट्रेन के ठहराव की मांग,
कानपुर के लिए एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव की मांग
अछल्दा रेलवे स्टेशन के सुंदरीकरण की मांग
स्टेशन पर फुटपाथ ओवरब्रिज की मांग
इंसेट
फोटो संख्या-24एयूआरपी-01 नरेंद्र यादव (एडवोकेट)
सुबह के समय आगरा की ओर जाना मुसीबत भरा है। ट्रेन की सुविधा न होने से उन्हे बस पर निर्भर रहना पड़ता है। जिसमें कई बार वाहन भी बदलने पड़ते है। समय और पैसा दोनों का नुकसान होता है।
इंसेट
फोटो संख्या- 24एयूआरपी-02 बृजेंद्र कुमार (सभासद)
कस्बे के अंदर से दिल्ली-हावड़ा रेलवे मार्ग गुजरने व रेलवे स्टेशन होने के बावजूद वह सुविधाओं से अछूते है। एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव न होने से व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान उठाना पड़ता है।
-------------------------------------
इंसेट
फोटो संख्या-24एयूआरपी-03 अतुल ठाकुर (समाजसेवी)
अछल्दा रेलवे स्टेशन पर सबसे बड़ी मुसीबत फुटपाथ ओवरब्रिज का न होना है। ओवरब्रिज न होने से यात्रियों को जान जोखिम में डाल रेलवे ट्रैक से गुजरना पड़ता है। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे भी निकलते है। जिससे कभी भी हादसा हो सकता है। फुटपाथ ओवरब्रिज होना बहुत जरू री है।
--------------------------------
इंसेट
फोटो संख्या-24एयूआरपी-04 डा.धर्मेद्र कुमार पाल
अछल्दा रेलवे स्टेशन पर सफाई कर्मी न होने से स्टेशन पर गर्मी के दिनों में बैठना मुश्किल हो जाता है। शौचालयों से उठने वाली दुर्गध दैनिक यात्रियों के लिए मुसीबत है। स्टेशन पर स्वच्छता का विशेष प्रबंध किया जाना चाहिए। इसके साथ ही प्रकाश व्यवस्था भी दुरुस्त करने के लिए बजट दिया जाना चाहिए।