उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ के बैनर तले पांच दिनों से चल रहे कार्य बहिष्कार आंदोलन छठवें दिन भी जारी रहा। इस मौके पर सभी डिप्लोमा इंजीनियरों ने ग्रेड पे 4800 का शासनादेश जारी किए जाने सहित तीन मांगों को लेकर ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय पर धरना दिया। इंजीनियरों ने साफ तौर से ऐलान करते हुए कहा कि सालों से इंतजार करने के बाद हक न मिलने पर अब मांगों के शासनादेश से कम पर कोई समझौता नहीं होगा। साथ ही 25 फरवरी से ककोर मुख्यालय पर अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरु करनी की घोषणा की गई।
ककोर मुख्यालय स्थित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जूनियर इंजीनियर कक्ष में हुई बैठक में संघर्ष समिति चेयरमेन इंजीनियर रामविलास ने अध्यक्षता की। इस दौरान इंजीनियर नरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि दो बार शासन से वार्ता हो चुकी है। बावजूद इसके केंद्रीय नेतृत्व की प्रमुख मांगों 4800 रुपये ग्रेड पे सहित तीन मांगों पर शासन की ओर से कोई विचार नहीं किया गया है।
ऐसी सूरत में अब आंदोलन अपने चरम पर पहुंच चुका है। और अब उक्त मांगों के पूरा किए जाने संबंधी शासनादेश से कम कुछ भी स्वीकार नहीं होगा। इस दौरान मंडल अध्यक्ष महासंघ इंजीनियर आरएस यादव ने संघर्ष्ज्ञ के तहत अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए सभी तैयारियों के दिशा निर्देशों से सदस्यों को अवगत कराया। साथ ही 25 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल के कार्यक्रम ककोर मुख्यालय स्थित धरना स्थ्ज्ञल मंच से प्रतिदिन किए जाने का ऐलान किया।
वहीं हड़ताल के दौरान सभी डिप्लोमा इंजीनियरों से धरना प्रदर्शन में उपस्थित रहने की अपील की है। इस दौरान 67 डिप्लोमा इंजीनियरों में 57 ने सहभागिता की। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि जिला स्तरपर किसी प्रकार की चुनाव अथवा बोर्ड परीक्षा की कोई भी सदस्य ड्यूटी नहीं करेगा। बैठक में जिलाध्यक्ष कृष्ण मोहन अग्निहोत्री, सचिव विनोद कटियार, इंजीनियर जय सिंह यादव, इंजीनियर अमित कुमार, इंजीनियर पवन कुमार, इंजीनियर हरिशंकर पटेल, इंजीनियर फिरोज आलम, सहायक अभियंता सुरेश चंद्र शर्मा, इंजीनियर पीपी सिंह, जेई नगर पालिका, इंजीनियर रामप्रकाश, इंजीनियर विवेक शुक्ला, इंजीनियर जय करन, इंजीनियर अजय पाल सिंह, इंजीनियर अवध नरायन आदि शामिल रहे।