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औरैया: एसटीएफ ने किया फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, इंश्योरेंस के नाम पर करते थे ठगी, दो गिरफ्तार 

Wed, 16 Jun 2021 09:26 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया

सार

एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने आठ बैंकों के एटीएम कार्ड, 18 मोबाइल, दो लैपटॉप, 12 डायरी, विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के ग्राहकों का 330 पेज का डाटा, एक कार व 17020 रुपये बरामद किए हैं।
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पुलिस की गिरफ्त में ठगी करने वाले दोनों आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी एसटीएफ ने इंश्योरेंस कंपनी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। सदर कोतवाली पुलिस व सर्विलांस टीम की मदद से दो आरोपियों को नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने नगदी, मोबाइल, एटीएम, लैपटॉप, कार समेत अन्य सामग्री बरामद की।
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पकड़े गए आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया है। औरैया के तुर्कीपुर निवासी फिरोज अहमद ने 10 जून को औरैया कोतवाली में 70 हजार रुपये ठगे जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में औरैया पुलिस के साथ ही एसटीएफ भी गिरोह पर नजर बनाए थे।

बुधवार को सुराग मिलते ही एसटीएफ टीम से संपर्क कर जिले की पुलिस ने गौतमबुद्ध नगर स्थित एक बिल्डिंग में छापेमारी की। यहां एक कमरे में कॉल सेंटर चलता मिला। दूसरे कमरे में दो युवक खुद को इंश्योरेंस कंपनी का एजेंट बताकर लोगों से ठगी कर रहे थे।
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पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी ने अपना नाम दिलशाद निवासी खोड़ा कालोनी खोड़ा गाजियाबाद बताया। वह मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है। जबकि दूसरे ने अपना नाम अर्जुन कुमार निवासी किराड़ी सुल्तानपुर दिल्ली बताया।

एसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने आठ बैंकों के एटीएम कार्ड, 18 मोबाइल, दो लैपटॉप, 12 डायरी, विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों के ग्राहकों का 330 पेज का डाटा, एक कार व 17020 रुपये बरामद किए हैं।

दिलशाद ने बताया कि डायरियों में ग्राहकों का डिटेल तैयार करते थे। जिन ग्राहकों की बड़ी पॉलिसी होती थी, उन्हें प्रलोभन देकर ठगी करते थे। कानपुर के डॉ. मानसिंह से एक करोड़ रुपये व औरैया के फिरोज अहमद से 70 हजार रुपये अवैध तरीके से ठगने के मामले शामिल हैं। 

दस साल पहले था एजेंट, आने लगे फोन
तुर्कीपुर निवासी फिरोज अहमद ने बताया कि 10 साल पहले वह एक इंश्योरेंस कंपनी में एजेंट थे। उसी दौरान उन्होंने कई लोगों की पालिसियां की थीं। जिसमें 13 जनवरी 2021 को रितु नाम की लड़की का फोन आया। उसने बताया कि आपने एजेंट के तौर पर वीरेंद्र सिंह की पॉलिसी की थी।

 
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जिसका 189460 रुपये का भुगतान होना है। इसके लिए आपको 4100 रुपये टैक्स के जमा करने होंगे। जिस पर फिरोज ने बताए गए बैंक खाते में रुपये जमा कर दिए। इसके बाद दोबारा शिवराज सिंह सिंघानिया नाम के व्यक्ति का उनके पास फोन आया। फोन करने वाले अपने को एक बैंक का मैनेजर बता कहा कि उनके नाम 189460 रुपये का डीडी भेजने की प्रक्रिया में है।

इसका 13 प्रतिशत टैक्स के रूप में 13636 रुपये बताए गए बैंक खाते में 19 जनवरी को जमा कर दिए। इसके बाद फिर रितु का फोन आया कि बैंक खाते में कमीशन की धनराशि ट्रांसफर हो रही है। इसके बाद दिलशाद ने बैंक का मैनेजर बता रिफंडमिलने के नाम पर दो बैंकों में अलग-अलग 22728-22728 रुपये दो बार में जमा कराए।

कुछ दिन बाद ही आशुतोष बाबू भाई कल्याणी उर्फ अर्जुन का फोन आया। उसने खुद को एक बैंक का चीफ मैनेजर बता 20 हजार रुपये जमा करने को कहा। इस पर मामला गड़बड़ समझ पीड़ित ने अब तक जमा किए गए रुपये वापस करने को कहा। इतना सुनते ही ठग भड़क गए और फिर गालीगलौज कर बात करनी बंद कर दी।
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