औरैया। जिले में परिषदीय स्कूलों के युग्मन के बाद खाली हुईं 67 स्कूलों की बिल्डिंगों में बाल वाटिकाएं बन गई हैं। इन्हें प्री प्राइमरी की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है।
शिक्षक के तौर पर एजूकेटरों की भर्ती इन दिनों चल रही है। इसके साथ ही इन बाल वाटिकाओं में बच्चों के खेलकूद व मनोरंजन के संसाधन जुटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर प्री प्राइमरी स्कूलों पर जोर देना शुरू कर दिया है। परिषदीय स्कूलों के युग्मन के बाद खाली हुए 67 भवनों में प्री प्राइमरी स्कूलों का संचालन भी शुरू कर दिया गया है। यहां पर अभिभावकों व शिक्षकों की मौजूदगी में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। अब इन प्री प्राइमरी स्कूलों में जरूरी संसाधन जुटाए जाने हैं।
बच्चों को यहां आकर्षक माहौल मुहैया कराने के लिए पेंटिंग से लेकर खेलकूद सामग्री मुहैया कराई जाएगी। बच्चों के बैठने के लिए फैंसी कुर्सी व फिसलपट्टी लगाई जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रत्येक बाल वाटिका के लिए 10 हजार रुपये तक की खरीद करने की मंजूरी दे दी है।
बीएसए संजीव कुमार ने बताया कि बाल वाटिकाओं को आकर्षक बनाने के लिए जरूरी काम शुरू कर दिए गए हैं। जल्द ही 180 एजूकेटरों की भर्ती पूरी हो जाएगी।