जिले में परिषदीय विद्यालयों का हाल बेहाल है। दरकती दीवार, टूटे दरवाजे, कमरोें में गंदगी के ढेर अब विद्यालयों की पहचान बन चुके हैं। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, फिर भी विभाग द्वारा समुचित व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर में खंडहर इमारतों में चल रहे सरकारी स्कूलों की जर्जर हालत पर अधिकारियों की संवेदनहीनता बरकरार है। अनदेखी के चलते इन विद्यालयों में पढ़ रहे नौनिहालों की जान पर बनी हुई है।
दयानंद बाल मंदिर, सुरान - औरैया। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए एक माह बीत चुका है, लेकिन अभी भी शहर के विद्यालयों की हालत बदतर बनी हुई है। मंगलवार को जब अमर उजाला टीम ने विद्यालयों की हकीकत जानी तो हालात कुछ और ही बयां कर रहे थे।
विकास खंड सदर के ग्राम सुरान में झाड़ियों के बीच स्कूल बना हुआ था। विद्यालय के कक्ष पूरी तरह से जर्जर हो च हैं। टूटी खिड़कियां व दरवाजे विद्यालय की दुर्दशा बयां कर रहे हैं। आसपास के लोगोें पूछे जाने पर बताया कि जो कुछ है, सब आपके सामने है...
नारायनपुर जूनियर विद्यालय - औरैया। विद्यालयों की पड़ताल के दौरान टीम नारायनपुर जूनियर विद्यालय पहुंची तो यहां जर्जर अवस्था में बिल्डिंग बनी हुई थी। दरकती दीवार, टूटे दरवाजे इस विद्यालय की पहचान बने हुए थे।
वहीं विभाग परिषदीय विद्यालय में सभी व्यवस्थाएं चाक चौबंद होने के दावे कर रहा है। हकीकत में यह विद्यालय कुछ और ही बयां कर रहे हैं।
नई बिल्डिंग बनकर तैयार है, उसी विद्यालय में बच्चों को पढ़ाया जाएगा।- राजेश कुमार श्रीवास- बीएसए