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सपा मुखिया के इकरार हो कर दिया दरकिनार

Wed, 21 Jan 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, औरैया
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प्रदेश में सपा की सरकार है, लेकिन सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव द्वारा घोषित प्रोजेक्ट ही दरकिनार हैं। यह बात सुनने में भले अजीब लगे, लेकिन औरैया में स्थापित होने वाले 132 केवीए के पावर सब स्टेशन निर्माण के मामले में तो कुछ ऐसा ही हो हो रहा है।
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इस प्रोजेक्ट को लेकर सरकारी मशीनरी भी गंभीर नजर नहीं आ रही है। सपा सरकार का कार्यकाल तीन साल बीतने को है फिर भी इस प्रोजेक्ट की आस अधूरी है।
 
वर्ष 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने बिधूना कस्बे में जनसभा को संबोधित करते हुए औरैया में 132 केवीए पावर सब स्टेशन का निर्माण कराने की घोषणा की थी। प्रस्तावित पावर सब स्टेशन निर्माण के लिए विद्युत विभाग ने देवकली मंदिर के पास जगह चयनित किया था।

विलंब से चली निर्माण की फाइल पर कार्य शुरू करने की अनुमति वर्ष 2009-10 में हैदराबाद की आईसीएसए कंपनी को दी गई। दो वर्ष में कार्यदायी संस्था चारदीवारी का निर्माण नहीं करा सकी। वर्ष 2012 के चुनाव में फिर पावर सब स्टेशन मुद्दा बना।
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सपाई दिग्गजों ने जनता को भरोसा दिया कि सरकार बनी तो सपा मुखिया की ओर से घोषित प्रोजेक्ट को तत्काल पूरा कराया जाएगा। इतना ही नहीं कई सपाई दिग्गजों ने यहां तक कहा कि इस प्रोजेक्ट को विपक्षी पार्टी की सरकार ने जानबूझ कर रोके रखे।

चुनाव परिणाम सपा के पक्ष में आया तो इलाके के लोगों की बांछे खिल गईं। उन्हें लगा कि अब तो यह प्रोजेक्ट पूरा होने से कोई रोक ही नहीं सकता, लेकिन हुआ एकदम उल्टा। सपा सरकार आई तो कार्यदायी संस्था ने काम बंद कर दिया। प्रदेश सरकार ने  इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी राजकीय निर्माण निगम को सौंपी।

निर्माण एजेंसी की ओर से चारदीवारी तो बनवा दी गई। बाद में रिवाइज स्टीमेट को लेकर उसकी निर्माण इकाई से अनबन हो गई। नतीजन इस कार्यदाई संस्था से पावर स्टेशन निर्माण कार्य का छीन लिया गया। दो वर्षाें तक देवकली पावर स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही।

वर्ष 2013-14 में शासन ने इस पावर स्टेशन के निर्माण की जिम्मेदारी मुख्य अभियंता कार्यालय (ट्रांसमिशन) आगरा को सौंपी।  मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन ने पावर स्टेशन के निर्माण कार्य टेंडर प्रक्रिया जारी कराई थी और मशीनें व अन्य उपकरण निर्माण स्थल पर जमा करा लिए गए थे।

परंतु ढाई महीने पहले जारी एक आदेश के तहत ट्रांसमिशन से भी देवकली पावर स्टेशन का निर्माण कार्य छीनते हुए अब तक के सभी टेंडर निरस्त कर दिए।

ट्रांसमिशन की ओर से जारी पत्र में यह हवाला दिया गया कि जिला मुख्यालय पर पावर स्टेशन का निर्माण समय की मांग है। बावजूद इसके अब तक लखनऊ में रखी निर्माण अनुमति की फाइल को स्वीकृति नहीं मिल पाई है।
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