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Auraiya News: मां को कागज में मृत दिखा बेटे ने बेच डाली जमीन

Mon, 19 May 2025 12:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। बेटे ने मां को कागज में मृत दिखाकर उनके नाम दर्ज 0.5470 हेक्टेयर जमीन अपने व भाई के नाम वरासत करा ली। इसके बाद अपने हिस्से की 34 डिसमिल जमीन बेच दी।
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फ्राड में उसका साथ क्षेत्रीय लेखपाल ने दिया, जोकि उसका भतीजा है। करीब 25 साल पहले पिता की मौत के बाद जमीन मां व उनके दो बेटों के नाम पर दर्ज हुई थी।
सदर तहसील की ग्राम पंचायत शेरपुर सरैया के मजरा बम्हौरी निवासी प्रेमा देवी पत्नी स्व. रामनारायन अपने छोटे बेटे शिशुपाल के साथ रहती हैं। उनका बड़ा बेटा शिवपाल अलग रहता है। रामनारायन की 25 साल पहले मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों बेटों व मां प्रेमा देवी के नाम जमीन की वरासत हो गई थी।
आरोप है कि बीते अप्रैल माह में शिवपाल ने मां प्रेमा देवी का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कराया। शिवपाल ने रिश्ते में भतीजे क्षेत्रीय लेखपाल आलोक पाल के जरिए मृत प्रमाणपत्र दिखाते हुए जमीन की वरासत अपने और भाई के नाम करवा ली। छह मई को शिवपाल ने अपने हिस्से की 34 डिसमिल जमीन बेच दी। जमीन संबंधी मामले को लेकर जब छोटे बेटे शिशुपाल ने खतौनी निकलवाई तो मामले की जानकारी हुई। इसके बाद तहसील में पता किया तो भाई की करतूत सामने आ गई।
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प्रेमा देवी ने बताया कि वह अभी जिंदा हैं। बड़े बेटे शिवपाल ने फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर अपने भतीजे लेखपाल आलोक पाल के जरिए मेरे नाम दर्ज जमीन हथिया ली है। मामले को लेकर मां-बेटे ने तहसील में शिकायत की है। तहसीलदार सदर रणवीर सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर वरासत निरस्त करने की कवायद शुरू कर दी गई है। गलती कैसी हुई, इसे देखा जाएगा।

जमीन पर केसीसी की वजह से रुक गया दाखिल-खारिज

मां प्रेमा देवी की जिस जमीन को शिवपाल ने जिंदा रहते हथिया लिया, उसे शहर के मोहल्ला बनारसीदास निवासी मुन्नी देवी उर्फ श्यामलता व रीना पोरवाल को बेच दी। मामले में दाखिल-खारिज का वाद दर्ज कराया गया है, लेकिन केसीसी लोन होने से जमीन का दाखिल-खारिज रुक गया। इस वजह से मामला सामने आ गया। जांच में सरकारी महकमे के कर्मचारी भी लपेटे में आ सकते हैं।


तेरहवीं पर परिजनों को दिए जाते हैं वरासत के कागजात
दिवंगत के परिजनों को वरासत चढ़वाने की सुलभ सुविधा दी गई। पिछले साल ही नई परंपरा शुरू करते हुए दिवंगत की तेरहवीं संस्कार पर राजस्व लेखपाल घर पहुंचकर वरासत के कागजात देते हैं। इस मामले में संभव है कि इस परंपरा का पालन नहीं किया गया है। यदि ऐसा होता तो यह स्थिति नहीं बनती।
- डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, डीएम




वरासत निरस्त कराएंगे : लेखपाल

शिवपाल ने प्रेमा देवी पत्नी रामनारायन नाम की ही दूसरी महिला की मौत का मृत्यु प्रमाणपत्र देकर वरासत कराई है। शिवपाल की ही करतूत है। मैं कई वर्ष औरैया में रह रहा हूं। गलती हो गई है। वरासत निरस्त करने के लिए अधिकारियों को रिपोर्ट दी गई है। इस आधार पर बैनामा कैंसिल हो जाएगा।
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-आलोक पाल, क्षेत्रीय लेखपाल
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