कोतवाली क्षेत्र के ग्राम गंगदासपुर में पुलिस की छापेमारी के दौरान पकड़े गए सात लोगों और इसमें राज्यमंत्री के बेटे की संलिप्तता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विपक्षी आरोप लगा रहे हैं कि सत्ता के रसूख के दम पर यह अनैतिक कार्य चल रहा था। दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि उसने बड़े मामले को वर्क आउट किया है। वह राज्यमंत्री के जिला पंचायत सदस्य बेटे को धर दबोचने की कोशिश में जुटी है।
मालूम हो कि शुक्रवार रात पुलिस ने सात रइसजादों को जुआ खेलते हुए धर दबोचा है। ये रइसजादे लग्जरी गाड़ियों से आए थे। इतना ही नहीं इसमें कस्बे के ही नहीं बल्कि जालौन के भी निवासी शामिल थे। ऐसे में स्पष्ट है कि जुआ बड़े पैमाने पर चल रहा था।
इस कारोबार के खुलासे ने सपा सरकार की सूबे में कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के दावे की हवा निकाल दी है। कस्बे में दिनभर चर्चा रही कि जब वरिष्ठ सपा नेता का बेटा ही इस अनैतिक कारोबार का सरगना है तो फिर पूरे प्रदेश की कानून व्यवस्था का अंदाजा अपने आप लगाया जा सकता है।
राज्यमंत्री ठाकुर भोला सिंह के पुत्र जिला पंचायत सदस्य अवधेश सिंह व पौत्र मनीष सिंह का नाम सामने आने से दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। पुलिस का दावा है कि दोनों प्राथमिक विद्यालय में जुआ खिलवाते हैँ। फिलहाल पिता-पुत्र फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए दविशे दे रही है, लेकिन अभी तक पुलिस की पकड़ से आरोपी दूर हैं।
कहीं अपराधियों से भी तो नहीं है डचिंग मामला - औरैया। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में शराब, जुआ, सट्टा जैसे कारोबार बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे हैं। अब अजीतमल कस्बा सिर्फ जुआ ही नहीं बल्कि अपराधों की जन्मभूमि मानी जाने लगी है। जनपदभर में सबसे अधिक अपराध अजीतमल क्षेत्र में ही हो रहे हैं।
जनता को भाए, नए कोतवाल - औरैया। अपराधों की भूमि के नाम से जानी जाने वाली अजीतमल तहसील में जब शुक्रवार को नए कोतवाल अजय पाठक ने राज्यमंत्री के विरुद्ध कदम उठाकर कार्रवाई की तो उनकी कार्यशैली से जनता खुश नजर आई। सूत्रों के अनुसार जब ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, तभी अपराधों में कमी आएगी।