औरैया। सदर तहसील की सात सदस्यीय टीम ने वैसुंधरा ग्राम पंचायत में जोत चकबंदी आकार पत्र 45 में फर्जी आख्या लगा पट्टों के आवंटन का मामला पकड़ा। जिसके बाद राजस्व वाद दर्ज किए गए। अब फर्जीवाड़ा कर पट्टे कराने वालों की रातों की नींद उड़ गई है। 37 साल बाद फर्जीवाड़े से उठे पर्दे ने कुछ रसूखदार खुद को पाक-साफ दिखाने में जुटे हैं। वहीं मंगलवार को राजस्व वादों को लेकर हुई प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद इन लोगों की बेचैनी बढ़ गई है।
ककोर मुख्यालय के मानस सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी नेहा प्रकाश ने पटल वार कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पांच वर्ष से पुराने सभी लंबित वादों का निस्तारण सूचीबद्ध करते हुए सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि तीन वर्ष तक के लंबित वादों की भी सूची तैयार करें। उनको भी प्राथमिकता से निस्तारित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए थे कि निस्तारित मामलों को पोर्टल पर अवश्य अंकित कराएं। जिससे पोर्टल पर लंबित व निस्तारित मामले सही संख्या दिखे। सूत्रों की मानें तो राजस्व वादों व खुद के मामले की जानकारी करने के लिए लोगों ने वकीलों व अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटना शुरू कर दिया है। रिकवरी से लेकर रिपोर्ट की कार्रवाई से बचने को लेकर हथकंडे अपनाने के प्रयास शुरू हो गए हैं। मामले की सुनवाई की अगली तारीख पर लोगों की निगाहें टिकी हैं।