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आंधी-पानी की चपेट में आए महिला समेत छह लोगों की मौत

Wed, 25 May 2016 12:12 AM IST
Auraiya, Uttar pradesh, India
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कचहरी परिसर में आंधी की चपेट में आने से टूटकर गिरा पेड़ - फोटो : amar ujala beuro
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सोमवार रात आई आंधी और पानी ने जिले भर में तबाही मचा दी। आंधी की चपेट में आकर छह लोगों की मौत हो गई। कई जानवर भी अपनी जान गवां बैठे। तेज हवा से छप्पर, टीनशेड उड़ गए। जगह-जगह बिजली के खंभे गिरने से आपूर्ति 18 घंटे तक ठप रही। वहीं पेड़ की डालियां टूटकर गिरने से मार्गों पर घंटों आवागमन बाधित रहा। तूफान से पूरे जिले की व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई। जिससे लोगों के सामने मंगलवार को पेयजल की भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई।
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जिले में सोमवार को आई  आंधी के साथ बारिश ने चारों तरफ तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। फफूंद थाना क्षेत्र के ग्राम सल्लाहापुर में दीवार गिरने से उसके किनारे लेटे करन सिंह (60) पुत्र रामसेवक की मौत हो गई। वहीं बिंदपुर गांव में छप्पर गिरने से राममूर्ति देवी (57) पत्नी सुरेंद्र सिंह की दबकर मौत हो गई। क्षेत्र के कटरा मनेपुर के पास स्थित माता रानी गेस्ट हाउस की छत पर लगी टीन शेड दो सौ मीटर दूर जाकर गिरी। इससे संचालक का पांच लाख रुपये का नुकसान हो गया। केशमपुर से फफूंद नुमाईश मैदान तक सात बिजली के खंभे टूट गए। इससे सोमवार रात से मंगलवार शाम तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
वहीं रूरूगंज क्षेत्र के ग्राम कछपुरा में झोपड़ी गिरने से सत्य प्रकाश (45) पुत्र जगतनाथ की मौत हो गई।

जबकि हरचंदपुर के मजरा मढ़ाला में दीवार ढह गई। गुरूदयाल व शंभूदयाल की चार बकरियां दबकर मर गई। इसी गांव निवासी राजू दुबे की डेयरी फार्म पर छप्पर में बंधी एक गाय व दो बछड़ों की छप्पर गिरने से मौत हो गई। जिले भर में कई स्थानों पर पेड़ गिरने से मार्ग अवरूद्ध रहे। कंचौसी मार्ग पर पेड़ गिर जाने से दोनों तरफ यातायात प्रभावित रहा। इससे लगभग दो घंटे तक लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। हाईटेंशन लाइन पर पेड़ गिरने से सोमवार शाम बिजली आपूर्ति ठप रही। शहर से सटे क्योंटरा फीडर में 11 हजार केवीए की लाइन के दस खंभे गिर गए। कखावतू से आनेपुर की ओर गई 33 हजार केवीए के तीन खंभे टूट गए। इससे बिजली आपूर्ति 18 घंटे बाद एक बजे दोपहर शुरू हो सकी। इससे लोगों के सामने पेयजल संकट रहा। अजीतमल कोतवाली क्षेत्र में भी आंधी का पूरा प्रभाव दिखाई दिया। लोगों की छतों पर लगे टीन शेड उड़ गए।
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दिबियापुर प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार रात आई आंधी और पानी से गांव पुर्वा बले में निर्माणाधीन इंदिरा आवास की दीवार गिर गई। आंधी से बचने के लिए दीवार के किनारे बैठे रवींद्र, उसका छोटा भाई चरन सिंह, चरन सिंह की पत्नी कंचन (28), आर्यन (2) पुत्र चरन सिंह, नैन्सी पुत्री चरन सिंह और गांव का अमित उर्फ सौरभ (18) पुत्र प्रताप सिंह कठेरिया दब गए। चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़ पड़े। गांव के लोगों ने दबे लोगों को बाहर निकाला। घायल अमित, कंचन, आर्यन, चरन सिंह एवं रविंद्र को दिबियापुर सीएचसी लाया गया।

यहां डाक्टरों ने अमित को मृत घोषित कर दिया। शेष सभी को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। रास्ते में कंचन और आर्यन की भी मौत हो गई। बाद में चरन सिंह को जिला चिकित्सालय से सैंफई रेफर कर दिया गया। एक साथ तीन मौतों की खबर सुनकर रात में ही एसडीएम बिधूना मदन चंद्र दुबे, नायब तहसीलदार संजय कुशवाहा, सहायल थानाध्यक्ष शिवकुमार पहुंच गए। पीड़ितों एवं ग्रामीणों को ढांढस बंधाते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। मंगलवार सुबह सहार के प्रभारी बीडीओ केएल सोनकर पहुंचे।

उन्होंने मृतकों के परिजनों को ब्लाक कर्मियों एवं अधिकारियों से जमा धनराशि में से 10-10 हजार रुपये एवं घायल के परिजनों को पांच हजार रुपये दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष राजवीर सिंह यादव ने मौके पर पहुंचकर मृतकों के परिजनों को शासन से सहायता दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
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