अब थाने व कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षकों के पास भी सीयूजी नंबर होगा। यह नंबर अधिकारियों के सीयूजी नंबर की तरह सार्वजनिक किया जाएगा। अभी तक थानाध्यक्ष व कोतवाल को ही सीयूजी नंबर मिले थे। नई व्यवस्था के पीछे पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करना है।
सरकारी सीयूजी नंबर अभी तक पुलिस अधिकारियों के पास होते थे या फिर कोतवाल व थानाध्यक्ष के पास। चौकी इंचार्ज व हल्का इंचार्जों के पास सीयूजी नंबर नहीं होते थे। वे अपने निजी नंबर ही रखते थे। ऐसे में क्षेत्र में हुई घटना के बारे में लोग सीधे थाने या 100 नंबर को ही सूचना देते हैं। हल्का इंचार्ज का नंबर उन लोगों के पास नहीं होता। इसको देखते हुए एसपी ने सभी हल्का इंचार्जों को भी सीयूजी नंबर देने का प्लान बनाया है और इन नंबरों का वितरण भी शुरू कर दिया है। अब सभी उपनिरीक्षकों के पास सीयूजी नंबर होंगे।
इन नंबरों की सूची कोतवाली और थाने में चस्पा होगी। साथ ही ये नंबर सार्वजनिक किए जाएंगे जिससे संबधित क्षेत्र के लोग सीधे हल्का इंचार्ज से बात भी कर सकें। इससे पुलिस का तंत्र भी मजबूत होगा और लोगों को सूचना देने में भी दिक्कत नहीं होगी। इस संबंध में एसपी संजीव त्यागी ने सभी उपनिरिक्षकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि कोई भी अपना सीयूजी नंबर आफ नहीं करेगा।