सरकारी जमीन पर भरी गई प्लाट की नींव तोड़ती जेसीबी। संवाद
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दिबियापुर (औरैया)। सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायत पर हुई पैमाइश में सरकारी जमीन पर सात प्लाटों की नींव एवं दो मकान बने मिले। रविवार को तहसीलदार के नेतृत्व में पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने लगभग एक एकड़ सरकारी भूमि कब्जा मुक्त कराई। राजस्व कर्मियों के अनुसार पड़ताल में पता चला है कि जमीन स्वामी ने प्लाट तो अपनी जमीन के कागजात दिखाकर लोगों को बेचे, लेकिन कब्जा सरकारी जमीन पर करा दिया था।
पिछले काफी अरसे से राजस्व विभाग को गांव पंचायत सेहुद में जनता महाविद्यालय के पीछे स्थित सरकारी जमीन (गाटा संख्या 472) पर अवैध कब्जे की शिकायत मिल रही थी। इस पर पिछले माह राजस्व विभाग की टीम ने पैमाइश कराई। इसमें सात प्लाटों की नींव एवं दो मकान सरकारी भूमि पर बने मिले। रविवार को तहसीलदार रणवीर सिंह, नायब तहसीलदार पवन कुमार, कानूनगो सचिंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
यहां पर पहले से चिह्नित प्लाटों की नींव जेसीबी की मदद से ढहा दी गई। सरकारी जमीन पर बने दो मकानों का कुछ हिस्सा ढहा दिया गया। राजस्व कर्मियों के अनुसार मकान स्वामियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता धारा की 67 (1) का मुकदमा कर दिया गया है। सुनवाई के बाद गिराने के आदेश होंगे। राजस्व कर्मियों का मानना है कि प्लाट खरीदने वालों की शिकायत पर विक्रेताओं के खिलाफ विधिक कार्रवाई हो सकती है।
सरकारी जमीन पर बने मकान का एक हिस्सा तोड़ती जेसीबी। संवाद- फोटो : AURAIYA
तहसीलदार रणवीर सिंह, नायब तहसीलदार पवन कुमार एवं पुलिस बल। संवाद- फोटो : AURAIYA