ककोर बिजली केंद्र पर लगी ओसीबी मशीनें पिछले एक साल से जर्जर हालत में हैं। कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके चलते गुरुवार को एचटी लाइन का तार टूटने के बाद भी लाइन बंद नहीं हो सकी। जबकि दो माह पहले जेई ने एक्सईएन और एसडीओ को रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन उन्होंने कार्रवाई नही की।
शहर से दस किलोमीटर दूर ककोर मुख्यालय पर बने 33/11 केवीए बिजली केंद्र पर लगी ओसीबी मशीनें जर्जर पड़ी हैं। हालत यह है कि एक साल से इन मशीनों में आई कमियों को दूर करने के लिए किसी भी अधिकारी ने कोई प्रयास नहीं किए। दो माह पहले जेई विवेक खरे ने लिखित रूप से मशीनों की टेस्टिंग कराने के लिए एक्सईएन पंकज शर्मा सूचना दी थी। इस संबंध में केंद्र पर मौजूद लाइन मैन गुड्डू और एसएसओ विजय ने बताया कि केंद्र की मशीनों को ठीक कराए जाने के लिए एसडीओ अरविंद सिंह से जब कहा तो उन्होंने इसके लिए जेई से कहने को बोलकर अपनी बला टाल दी।
केंद्र पर लगी ओसीबी मशीनें पूरी तरह से कंडम हो चुकी हैं। लोकल फाल्ट होने पर भी लाइन ट्रिप नहीं होती। मशीन को चार्ज करने के लिए लकड़ी लगानी पड़ती है। इससे हमेशा हादसा होने की संभावना बनी रहती है। वहीं जेई विवेक खरे ने बताया कि दो माह पहले एक्सईएन पंकज शर्मा को लिखित रूप से मशीनों टेस्टिंग कराए जाने को निवेदन किया गया था। इसके बावजूद आज तक कुछ भी नहीं हुआ। उन्होेंने बताया कि जिले में एक्सईएन टेस्ट का कार्यालय खुले छह माह बीत गए हैं। लेकिन आज तक किसी भी बिजली केंद्र की टेस्टिंग तक नहीं कराई गई। मामले में एक्सईएन पंकज शर्मा से बात करनी चाही गई तो कई बार फोन करने बाद भी उन्होंने फोेन रिसीव नही किया।
विभाग की लापरवाही सामने आ रही है। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट मांगी है। इसमें जोे भी दोषी अधिकारी होगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं विभाग को सख्त दिशा निर्देश दिए जा चुके हैं कि ऐसी घटनाओं पर बख्शा नही जाएगा।
माला श्रीवास्तव, डीएम