कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब पवित्र नदियों, पोखरों, जलाशयों पर उमड़ पड़ा। सूर्य की पहली किरण के साथ लोगों ने डुबकी लगाई। सभी ने सूर्य देव को जल अर्पण कर अकाल मौत से सुरक्षा और परिवार की खुशहाली मांगी।
शहर के यमुना तट स्थित शेरगढ़ घाट पर सुबह पांच बजे से श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। देवी गीत गाते हुए महिलाएं पैदल घाटों तक पहुंची। पूजन की सभी तैयारियां पूरी करने के बाद महिलाओं ने यमुना के पावन तट शेरगढ़ घाट पर सूर्य की पौ फटते ही डुबकी लगानी शुरू कर दी।
उगते सूर्य को जल तर्पण पर घर, परिवार की खुशहाली मांगी। महिलाओं ने स्नान से बाद पूजन कर दान दिया। कहते है कि कार्तिक पूर्णिमा में दान करने से कई गुना फल मिलता है।आर्थिक समृद्घि आती है। अकाल मृत्यु टल जाती है। शेरगढ़ घाट में कानपुुर देहात से सिकंदरा, जालौन के शंकरपुर, कुठौंत व औरैया शहर व ग्रामीण क्षेत्रों से भीड़ उमड़ी रही। वहीं मनौती लेकर पहुंचे कुछ लोगों ने घाटों पर धार्मिक संस्कार तक कराए।