अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक महफूज अली ने थाना
बेला क्षेत्र के ग्राम नीमहार से एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर भगाने
के आरोप में दो महिलाओं सहित चार लोगों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास और
तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया है।
अभियोजन के
अनुसार थाना बेला के ग्राम नीमहार निवासी वादी ने रिपोर्ट लिखाई कि उसकी
नाबालिग पुत्री कक्षा 11 में पढ़ती थी। 4 जून 2011 को दिन में 11 बजे जब
वह कपड़े सिलवाने मल्हौसी गई थी, तभी जगदीश पुत्र मेवालाल, राजकुमारी पत्नी
जगदीश, पार्वती देवी पत्नी फूल सिंह व विपिन पुत्र फूल सिंह निवासीगण
नीमहार पुत्री को मिले।
आरोप है कि इन लोगों ने बाजार करवाने के
नाम पर उसे गाड़ी पर बिठाया और बहला फुसलाकर भगा ले गए। इन्हें मल्हौसी से
याकूबपुर की ओर जाते देखा गया। बाद में पुलिस को इटावा रेलवे स्टेशन पर
पीड़िता बरामद हुई।
बेला थाने में चारों के विरुद्ध धारा 363, 366
आईपीसी का मुकदमा पंजीकृत हुआ जो कि आरोप पत्र के बाद एडीजे फास्ट ट्रैक
कोर्ट में चला। अभियोजन पक्ष से एडीजीसी रमेश चंद्र मिश्रा व बचाव पक्ष की
दलीलों को सुनने के बाद कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी तमाना।
एडीजे
फास्ट ट्रैक महफूज अली ने चारों आरोपी जगदीश व उसकी पत्नी राजकुमारी तथा
पार्वती देवी व उसके पुत्र विपिन को धारा 366 में सात-सात वर्ष की कठोर
कारावास व दो हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 363 में पांच-पांच वर्ष के कठोर
कारावास व एक-एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। स्टेनो कृपाल
सिंह के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी व अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त
सजा भुगतने का भी आदेश दिया गया है।