पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश और राजस्थान के बांध से पानी छोड़े जाने के बाद गर्मियों में सूख गई सेंगुर नदी उफना गई है। दिनों दिन पानी बढ़ता जा रहा है और बहाव भी तेज हो रहा है। आस के ग्रामीण चिंतित हैं। वहीं नदी किनारे खेती वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
गर्मियों के दिनों में सेंगुर नदी सूख गई थी। राजस्थान के बांध से पानी छोड़े जाने के बाद सेंगुर नदी में पानी आ गया था। पश्चिमी उप्र में हुई मानसून की झमाझम बारिश से नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया है। नदी की धार एकाएक चौड़ी हो गई है और बहाव में भी तेजी आ गई है। एक सप्ताह के भीतर जलस्तर दोगुने से अधिक हो गया है। ऐसे में नदी किनारे वाले गांव के लोगों की धड़कनें बढ़ने लगी हैं। क्योंकि अभी बारिश का दौर शुरु हुआ है और नदी का बहाव और तेज हुआ तो किनारे के गांवों में बाढ़ आ जाएगी।
वहीं नदी के किनारे खेतों में फसल करने वाले किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खिंची है। हाल ही में धान की पौध डालकर खेत तैयार किया है। नदी का पानी भरते ही सारी पौध सड़ने की कगार पर पहुंच जाएगी। ग्रामीणों और किसानों ने जिला प्रशासन से बाढ़ रोकने के इंतजाम किए जाने की मांग की है।
ये गांव हो सकते हैं प्रभावित
अजुआपुर, बल्लापुर, सुअटपुर, जुआ, गोपालपुर अड्डा, ऊंचा, पड़रिया आदि।