औरैया। जिले के भ्रमण पर आए राज्यमंत्री संसदीय कार्य, चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य, परिवार तथा मातृ एवं शिशु कल्याण विभाग मयंकेश्वर शरण सिंह शाम साढ़े चार बजे के करीब 100 शैया जिला अस्पताल पहुंचे। मेडिकल कालेज का निर्माण कार्य धीमा देख लोक निर्माण विभाग के प्रोजेक्ट मैनेजर और अधिशासी अभियंता की क्लास ली। बारिश से पहले छत ढलाई का काम पूरा करने के निर्देश दिए। हालांकि दो बजे से पहले मंत्री जी का निरीक्षण होता तो ओपीडी और अस्पताल की अन्य खामियां सामने आतीं। देर से पहुंचने पर सिर्फ अस्पताल में भर्ती मरीजों को देखने से निरीक्षण औपचारिक रहा।
दो दिवसीय पर दौरे पर राज्यमंत्री ने गेल में मिशन शक्ति के कार्यक्रम के बाद नारायनपुर स्थित नारायन कोरी के घर पर भोजन किया। फिर तुर्कीपुर पार्टी कार्यालय पहुंचकर कार्यकर्ताओं से परिचय प्राप्त किया। शाम साढ़े चार बजे के करीब विधायक गुड़िया कठेरिया, भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीराम मिश्रा, डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव के साथ 100 शैया अस्पताल का निरीक्षण किया। सबसे पहले वह ओपीडी पहुंचे तो उन्हें डाक्टर व स्वास्थ्य कर्मी तो मुस्तैद मिले, पर दो बजे ओपीडी बंद हो जाने के कारण एक भी मरीज नहीं था। फिर दवा वितरण कक्ष पहुंच दवाइयों की जानकारी ली।
कुछ मिनट यहां रुकने के बाद वह सीधे प्रथम तल पर बने जनरल वार्ड में पहुंचे। यहां भर्ती मरीज स्नेहलता निवासी कड़ोरेपुरवा, नाथूराम व बदन सिंह निवासी जैतपुर से मिलकर इलाज संबंधी जानकारी ली। बदन सिंह की हालत देख सीएमएस डॉ. कुलदीप यादव को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। इसके बाद एसएनसीयू, एनआरसी, केएमसी (कंगारू मदर चाइल्ड) वार्ड का निरीक्षण कर भर्ती बच्चों के स्वास्थ्य और इलाज की जानकारी ली।
इसके बाद वह सीधे पैदल ही अस्पताल के पीछे मेडिकल कालेज के बन रहे 300 बेड के हास्पिटल का निरीक्षण करने पहुंचे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि फरवरी 2023 तक निर्माण पूरा करना है। झारखंड के कुछ मजदूर चले गए हैं, इसलिए काम धीमा है। इतना सुनते है वह भड़क गए और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार जाटव और प्रोजेक्ट मैनेजर एके पांडेय की क्लास ली। कहा कि पहले से नहीं मालूम था कि काम समय से पूरा कराना है, बारिश का समय आ रहा है। बारिश से पहले छत की ढलाई हो जानी चाहिए। मंत्री ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि समय से काम हो पाएगा, इसलिए काम में तेजी लाएं। इसके बाद वह सीधे अफसरों के साथ बैठक के लिए चले गए।
जल्द चालू होगा ब्लड बैंक और स्टाफ की होगी भर्ती
निरीक्षण के दौरान बातचीत में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि उन्हें जिले में आते ही पता चला है कि ब्लड बैंक काफी दिनों से बंद है। स्टाफ की कमी और अन्य खामियों के बारे में स्वास्थ्य और प्रशासन के अधिकारियों से पता किया जा रहा है। सभी जानकारी जुटाने के बाद जल्द ही इसे चालू कराया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार गंभीर है। जिन अस्पतालों में स्टाफ की कमी है उसे भी पूरा किया जाएगा।
ढाई घंटे इंतजार करते रहे स्वास्थ्य कर्मी
जिला अस्पताल में दो बजे के बाद ओपीडी बंद हो गई। सभी कर्मचारियों के घर जाने का समय था, लेकिन मंत्री के आने की वजह से सीएमएस ने सभी को रुकने के निर्देश दिए। इस बीच स्टाफ नर्स, डाक्टर, वार्ड ब्वाय, चतुर्थश्रेणी कर्मी समेत अन्य प्रशासनिक स्टाफ मंत्री जी के आने तक रुका रहा। शाम साढ़े पांच बजे के बाद मंत्री के जाने के बाद सभी घर गए।
सब कुछ दिखे ठीक, इसलिए होती रही सफाई
जिले का 100 शैया अस्पताल वैसे तो स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अस्पताल में नाम मात्र के मरीज भर्ती होते हैं। कई वार्ड और रूम तो कभी-कभी खुलते है। मंत्री के आने को लेकर शुक्रवार सुबह से ही साफ सफाई चलती रही। आउटसोर्सिंग के कर्मचारी सुबह से लेकर मंत्री के आने तक कई बार पोंछा लगाते और खामियां दूर करते नजर आए।
खराब खड़ी एंबुलेंस पर पड़ी मंत्री की नजर
जिला अस्पताल से मेडिकल कालेज पैदल जाते समय पीछे के रास्ते पर कई खराब एंबुलेंस पर मंत्री की नजर पड़ गई। उन्होंने कंडम गाड़ियां देख सीएमओ से जानकारी चाही और पूछा कि इनका निस्तारण अभी तक क्यों नहीं हुआ। इस पर सीएमओ ने कहा ई-टेंडर हो गया है। जल्द ही नीलामी कराई जाएगी।
मेडिकल कालेज के निर्माण को देखने पहुंचे मंत्री व अन्य अधिकारी। संवाद- फोटो : AURAIYA
अस्पताल में सफाई करता सफाई कर्मी। संवाद- फोटो : AURAIYA