- आलू, सरसों व गेहूं की बुवाई पर पड़ रहा असर
- समितियों पर ताला देख लौट रहे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
कंचौसी। सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल बुधवार को छठवें दिन भी जारी रही। सचिवों के आंदोलन के चलते साधन सहकारी समिति कंचौसी समेत अन्य समितियों पर खाद वितरण का काम प्रभावित रहा। इससे रबी की फसलों की बोआई के सीजन में किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। समितियों पर ताले लटके होने से किसान डीएपी और यूरिया खाद के लिए परेशान हैं।
इन दिनों किसान आलू, सरसों और गेहूं सहित अन्य रबी की फसलों की बोआई की तैयारी में जुटे हैं। ऐसे में खाद की जरूरत बढ़ गई है, लेकिन सहकारी समितियों पर वितरण कार्य प्रभावित होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से फसलों की बोआई में देरी हो रही है, जिसका असर खेती पर पड़ सकता है।
हड़ताल कर रहे सचिवों की प्रमुख मांगों में बकाया मानदेय और वेतन का भुगतान, नियमित वेतन व्यवस्था तथा अन्य सुविधाएं शामिल हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों का समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। किसान ब्रजेश कुमार, अरविंद सिंह, प्रताप सिंह, सत्यप्रकाश पांडेय, मोहम्मद अली और फारुख खान आदि ने बताया कि साधन सहकारी समिति कंचौसी समेत अन्य समितियों पर ताले लटके होने से खाद के लिए भटकना पड़ रहा है। रबी की फसल सरसों, आलू और गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है। ऐसे में खाद नहीं मिलने से खेती-किसानी प्रभावित हो रही है। वहीं, सचिव अनोज कुमार ने बताया कि वह हड़ताल के सिलसिले में लखनऊ में धरना-प्रदर्शन में शामिल हैं। सचिवों की मांगों का समाधान होने तक किसानों को समितियों से खाद मिलने में परेशानी बनी रहने की आशंका है।