अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। लेखपाल की हड़ताल से आय, जाति व मूल निवास का सत्यापन रुका है। इधर सचिवों ने आवेदनों का सत्यापन करने से इनकार कर दिया है। जिससे आवेदकों की मुसीबत और बढ़ गई है। समय से प्रमाण पत्रों के न बन पाने के कारण आवेदक परेशान हैं। जिले की तीन तहसीलों में आय, जाति, मूल निवास के कुल 11977 आवेदन लंबित पड़े हैं।
आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। लेखपालों ने तहसील के कार्यों पर भी रोक लगाई थी, साथ ही तहसील पहुंचने वाले आवेदनों का निस्तारण न करने की जिद भी इस हड़ताल में शामिल की। इधर सचिवों ने आवेदनों के सत्यापन करने से मना कर दिया है। जिससे स्कूलों और कालेजों में प्रवेश के लिए छात्रों को आय, जाति व मूल निवास के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आवेदक स्वयं ही तहसील और लेखपालों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें निराशा ही मिल रही है। जिले में तीन तहसीलों में आय, जाति व मूल निवास के 11977 आवेदन लंबित पड़े होने की जानकारी मिली है। जिसमें सबसे अधिक सदर तहसील में आय के 1450, जाति के 1400 और एसडीएम के यहां मूल निवास के 1250 आवेदन लंबित पड़े हैं।
इनसेट
सदर तहसील में लंबित आवेदन
आय जाति निवास
1450 1400 1250
अजीतमल तहसील में लंबित आवेदन
आय जाति निवास
1385 1405 1053
बिधूना तहसील में लंबित आवेदन
आय जाति निवास
1415 1295 1254
इनसेट -------------
यह आठ लेखपाल हुए निलंबित
सदर तहसील से
दीपक यादव, यशोध्यान पाल, अशोक कुमार दोहरे
अजीतमल तहसील से
धर्मवीर सिंह, स्वदेश कुमार श्रीवास्तव
बिधूना तहसील से
अवधेश कुमार तिवारी, अमर सिंह शाक्य, सुशील वर्मा
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अमीन को बनाई जा रही आईडी
आय, जाति व मूल निवास के आवेदनों की बढ़ती संख्या और लंबित पड़े आवेदनों को देखकर जिला प्रशासन ने अमीनों से सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। सदर तहसील 15 अमीन हैं। सूत्रों की माने तो लंबित पड़े आवेदनों के सत्यापन के लिए इन सभी अमीनों की आईडी बनाई जा रही है। आईडी बनते ही अमीन लंबित पड़े आवेदनों का सत्यापन करेंगे और शीघ्र ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।
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जिलाधिकारी इस संबंध में मीटिंग करने वाले हैं। मीटिंग के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा और इसके बाद ही किसी संबंध में जानकारी दी जाएगी।
अमित राठौर
एसडीएम सदर