हरदोई। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए खुशखबरी है। अब विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ हुनरमंद भी बनाया जाएगा। नई शिक्षा नीति के तहत जिले के 30 और माध्यमिक स्कूलों में नियमित शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कोर्सों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए स्वरोजगार के रास्ते खोलना है। इससे पूर्व 11 विद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अब तक जिले के केवल 11 माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा था। अब 30 विद्यालयों को इससे जोड़ा जाएगा जिसमें 15 राजकीय और 15 एडेड विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में विभिन्न ट्रेडों का चयन किया गया है जिसमें विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।
इन ट्रेडों पर दिया जाएगा प्रशिक्षण
रिटेलर स्टोर ऑपरेशन असिस्टेंट, डोमेस्टिक डाटा एंट्री ऑपरेटर, ऑपरेशन असिस्टेंट आदि शामिल हैं।
इन विद्यालयों में शुरू होगा प्रशिक्षण
राजकीय हाईस्कूल सारीपुर झझेटा, जामू, बरवन,मनिकापुर, अर्जुनपुर, सुमई, भिखारीपुर, भीठा महासिंह, अंधरा,बिलहरी, बहेरिया, उधरनपुर, राउरा, रहीमपुर और श्री वेणी माधव बालिका इंटर कॉलेज, जनता इंटर कॉलेज, आईआर इंटर कॉलेज, पीबीआर इंटर कॉलेज गौसगंज, आरआर इंटर कॉलेज, एसएसएस इंटर कॉलेज, आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, सेठ बाबू राम भारती इंटर कॉलेज, गांधी इंटर कॉलेज, एसडीडीए इंटर कॉलेज, आदर्श राष्ट्रीय इंटर कॉलेज, संतोष कुमार इंटर कॉलेज, बीएन इंटर कॉलेज भगवंत नगर, रफी अहमद इंटर कॉलेज शामिल हैं।
इनमें चल रहा प्रशिक्षण
जीआईसी, जीजीआईसी, जीजीआईसी बिलग्राम, संडीला, टोडरपुर, पिहानी, पाली, जीआईसी टड़ियावां, पं. दीन दयाल उपाध्याय मॉडल इंटर कॉलेज खसरौल, जरौआ व जामू शामिल हैं।
नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल डिग्री दिलाना नहीं बल्कि उन्हें स्वावलंबी बनाना है। 30 नए स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को तकनीकी ज्ञान मिलेगा। -डॉ. अभय जैन, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा