कंचौसी स्टेशन आए कोच के पास लगी भीड़।
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कानपुर देहात के रूरा में हादसे के बाद अजमेर सियालदाह एक्सप्रेस के दस कोच कंचौसी स्टेशन लाए गए। इन कोच में सवार घायलों का इलाज रूरा में पहुंची डाक्टरों की टीम ने किया। यात्रियों को खाने पीने के लिए भटकता देख स्टेशन अधीक्षक ने इंतजाम कराया।
12 घंटे देरी से चल रही अजमेर सियालदाह एक्सप्रेस सुबह 5:30 बजे रूरा में हादसे का शिकार हो गई। कई कोच पटरी से उतर गए। आगे के दस कोच बच गए थे। इनमें यात्री चुटहिल हो गए थे। रूरा में पहुंची डाक्टरों की टीम ने इनकी मरहम पट्टी की। रेलवे प्रशासन ने इन कोच को रूरा से आगे बढ़ाकर कंचौसी में खड़ा करा दिया।
ट्रेन कोच के कंचौसी पहुंचने से हड़कंप मच गया। कोच में सवार यात्री भयभीत थे। वह चीख चिल्ला रहे थे। स्टेशन पर कोच से बाहर निकले यात्रियों ने राहत की सांस ली। सुबह खाने पीने की दुकानें नहीं खुली थीं। इस पर कस्बे के कई लोग मदद के लिए पहुंचे। स्टेशन अधीक्षक आरआर मीना ने स्टेशन के पास वाली दुकानों कोे खुलवाया। यात्रियों के चेहरे पर दहशत दिखाई दे रही थी। दोपहर बाद इन कोच को आगे के लिए रवाना किया गया।
डरे सहमे रहे यात्री
कोच नंबर 11423 में मौजूद प्रेम सिंह, इदरीस अली, रामनिवास, पारसनाथ घायल थे। यह लोग कोच के अंदर डरे सहमे बैठे थे। इन्होंने बताया कि भगवान ने बचा लिया, नहीं तो मौत सामने खड़ी थी।
ऐसा लगा कि अब कोई नहीं बचेगा
अजमेर निवासी अशोक जैन एसी कोच में यात्रा कर रहे थे। इन्होंने बताया कि सब लोग सुबह सोकर उठे थे। अचानक बहुत तेज आवाज आई। आवाज के साथ ही सब लोग इधर उधर जा गिरे। चीख पुकार मच गई। एक पल के लिए लगा कि अब कोई नहीं बचेगा। ईश्वर की कृपा से जिंदगी बच गई।