करोड़ों रुपये के बिजली बिल घोटाले में एक्सईएन के आदेश पर एसडीओ ने प्राइवेट मीटर रीडरों सहित टेरा कंपनी के 18 कर्मचारियों की सूची पुलिस को सौंपी है। एसडीओ का कहना है कि अब पूरे प्रकरण की जांच पुलिस के माध्यम से कराई जाएगी। जिससे घोटाले में लिप्त कर्मचारियों के नाम उजागर हो सकें। वहीं करीब डेढ़ साल से चल रहे हेराफेरी के मामले में पूरी जांच सिर्फ अक्तूबर माह के बिलों तक ही सीमित किए जाने से हकीकत के सामने आने पर सवाल उठ रहे हैं।
बिजली बिलों में हुए घोटाले के मामले में बिजली अधिकारियों ने पुलिस की चौखट पर दस्तक दे दी है। इस सिलसिले में एक्सईएन पंकज शर्मा के आदेश पर एसडीओ अरविंद सिंह ने कार्यालय में कार्यरत 18 कर्मचारियों की सूची पुलिस को जांच के लिए सौंपी है।
एसडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि यह मामला बहुत बड़ा है। इसमें कौन-कौन कर्मचारी शामिल हैं, इसका संजीदगी से पता लगाया जाना होगा। इसके लिए पुलिस की मदद ली जा रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने कार्यालय में अक्तूबर माह में कार्यरत टेरा कंपनी सहित प्राइवेट मीटर कर्मचारियों के 18 लोगों के नाम की सूची सीओ सिटी को सौंप दी है।
बताया कि इस प्रकरण के खुलासे के लिए एसपी से भी मुलाकात की है। एसपी ने उन्हें पूरा आश्वासन भी दिया है। इस मामले में कर्मचारियों के ऊपर पुलिस की जांच बिठाए जाने के बात को एक्सईएन पंकज शर्मा सिरे से नकार रहे हैं। वहीं एसडीओ अरविंद सिंह का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई एक्सईएन के संज्ञान में है। उन्हीं के निर्देश पर यह कदम उठाया गया है। दोनों अधिकारियों के बयानों में भिन्नता भी सवाल खड़े कर रही है।
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यह कार्रवाई लोकल स्तर से की जा रही है। इससे मेरा कोई वास्ता नहीं है। लेकिन मेरे स्तर से गठित की गई जांच टीम में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धनीराम मौर्य
चीफ इंजीनियर बिजली, कानपुर मंडल