सार्थक की उपलब्धि पर उसे मिठाई खिलाते माता-पिता।
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ब्लाक क्षेत्र के गांव धनउपुर-अयाना निवासी सार्थक विश्नोई ने आईआईटी में 97 वीं रैंक पाकर जिले का नाम रोशन किया है। वहीं अपने माता पिता का सपना सार्थक कर दिया। सार्थक ने 247 अंक पाकर कानपुर रीजन में अच्छे अंक पाए हैं।
रिलायंस कंपनी सूरत में मैनेजर राजेंद्र कुमार विश्नोई के पुत्र सार्थक ने आईआईटी की परीक्षा जेईई एडवांस में 247 अंक प्राप्त आल इंडिया 97 वीं रैंक पाई है। सार्थक ने बताया कि उसकी इस उपलब्धि में मां नीलम, पिता राजेंद्र के अलावा उसके नाना पर्यावरणविद भगवत स्वरूप विश्नोई का बहुत बड़ा योगदान है। उसने बताया कि उसके बाबा स्व. रामप्रकाश विश्नोई धनउपुर के निर्विरोध ग्राम प्रधान रहे थे। उनका सपना था कि मैं कुछ ऐसा बनकर दिखाऊं जिससे उनका नाम रोशन हो। सार्थक की इस उपलब्धि से क्षेत्र के लोगों में भी खुशी है।
बचपन से ही मेधावी है सार्थक
वर्ष 2013 में कक्षा नौ उत्तीर्ण करने के बाद सीबीएसई की ओर से आयोजित हेरीटेज इंडिया क्विज में सार्थक नेशनल विनर रहा। 2014 में हाईस्कूल में उसने 10 सीजीपीए मिला। 2016 में इंटरमीडिएट परीक्षा 93 प्रतिशत अंक पाकर पास की। हाईस्कूल के बाद साल 2014 में सिंगापुर एयरलाइंस और मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ऑफ सिंगापुर की ओर से उसे सिंगापुर में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप मिली थी। लेकिन वह अपने देश में ही पढ़ना चाहता था।
सफलता मंत्र
सार्थक का कहना है कि उसकी सफलता का मंत्र है टाइम टेबिल। वह टाइम टेबिल के हिसाब से पढ़ता था। रिवीजन के लिए अलग से समय निर्धारित किया था। इसके अलावा खेलकूद और मनोरंजन का भी समय निर्धारित किया। उसका कहना है कि अगर समय का महत्व समझ कर कोई तैयारी करे तो सभी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिल सकती है।