औरैया। गांवों में विकास को लेकर जिले को ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान की सौगात मिल गई है। इसका निर्माण सेहुद में सात एकड़ जमीन पर कराया जाएगा।
अब यहां से गांवों के विकास की राह तय होगी। सरकारी योजनाओं के संचालन में कर्मियों की दक्षता पहले के मुकाबले बेहतर होगी। प्रदेश सरकार के बजट में औरैया जनपद को ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान को मंजूरी दी गई है। इसे लेकर जिला प्रशासन की ओर से सेहुद में सात एकड़ जमीन चिह्नित करते हुए उसका आवंटन भी कर दिया है।
औरैया-दिबियापुर रोड किनारे यह जमीन पिछले साल चले मिशन समाधान के तहत कब्जामुक्त कराई गई थी। अब यहां पर प्रशिक्षण संस्थान बनने से गांवों के विकास में अहम भूमिका निभाई जाएगी। अफसरों के निरीक्षण भी इस जमीन को लेकर शुरू हो गए हैं।
शासन को इसे लेकर वित्तीय स्वीकृति के लिए पत्राचार भी किए जा रहे हैं। शासन स्तर से संस्थान के निर्माण को लेकर तीन करोड़ के बजट का प्रावधान है। ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान का उद्देश्य ग्राम विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को जिले में ही प्रशिक्षण प्रदान करना रहेगा। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी।
खास तौर पर जिला ग्राम्य विकास संस्थान के जरिये ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन, सरकारी योजनाओं का कि्रयान्वयन बेहतर ढंग से हो सकेगा। इससे ग्रामीण विकास की गति को बढ़ाने के साथ ही प्रशासनिक दक्षता में भी सुधार होगा।
सेहुद समीप ग्राम्य विकास प्रशिक्षण संस्थान को लेकर सात एकड़ जमीन का आवंटन किया गया है। निर्माण को लेकर वित्तीय स्वीकृति की औपचारिकता पूरी की जा रही है। जमीन का निरीक्षण करते हुए शासन में रिपोर्ट भेजी जाएगी।
- सतीश पांडेय, डीडीओ