आवास विकास कालोनी स्थित काली देवी मंदिर पर भागवत कथा महायज्ञ में हरिद्धार के भागवताचार्य स्वामी अक्षयानंद जी महाराज ने मानव शरीर के गुण और दोष के बारे में प्रवचन किया। कहा कि देहाभिमान मानव को भगवान से दूर ले जाते हैं। वहीं अभिमान समाप्त होने पर आत्मा और परमात्मा का मिलन सुलभ हो जाता है।
भागवताचार्य स्वामी अक्षयानंद जी ने कहा कि भागवत कथा का श्रवण मात्र से भगवान की परम भक्ति प्राप्त हो जाती है और हृदय के सारे विकार दूर हो जाते हैं।
हृदय को निरोगी करने के लिए देहाभिमान का त्याग करना परम आवश्यक है। स्वामी जी ने रुकमणि विवाह का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि महारानी रुकमणि ने नारद जी से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का बखान सुनाया, उनके वर्णन मात्र से ही रुकमणि ने भगवान से नाता जोड़ लिया।
भागवत कथा पंडाल में भगवान कृष्ण व रुकमणि के विवाह का मंचन किया गया। छोटे-छोटे बाल कलाकारों की इस झांकी को उपस्थित सभी दर्शकों ने श्रद्धा से नमन किया।