अजीतमल। सावन मास के पहले सोमवार को जहां शंकर भोले के शिवालयों में पूरे दिन बम बम भोले के जय घोष से वातावरण भक्तिमय रहा। वहीं शाम के समय बगिया वाले शंकर जी पर भक्तों द्वारा रूद्राभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया गया। देर रात तक जारी रहा।
बगिया वाले शंकर जी पर आचार्य नवीन पंडित व उनके साथ आए आधा दर्जन आचार्याें के मंत्रोच्चारण के साथ रूद्राभिषेक कार्यक्रम आयोजित किया। आचार्य के मंत्रोच्चारण के बीच भोले नाथ को दूध, घी, दही, चीनी, शहद आदि से स्नान कराया गया। उसके बाद दो घंटे अनवरत जलाधार भोलेनाथ की पिंडी पर लगाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित भक्तों ने ऊं शिवाय नमः का जाप करते हुए जल की अनवरत धारा से अभिषेक किया गया।
इसके बाद भोलेनाथ का शृंगार किया गया। भक्तों ने बेल पत्र, फूल, धतूरा आदि से पूजन किया। आरती व भोग लगाया गया। देर शाम शुरू हुआ कार्यक्रम रात एक बजे तक चलता रहा। आचार्य नवीन त्रिपाठी ने बताया कि सावन के सोमवार को रूद्राभिषेक आयोजित करने से शंकर भगवान प्रसन्न होते हैं। भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं।
उन्होंने बताया कि शंकर जी की पूजा के साथ नंदी की पूजा जरूर करनी चाहिए। क्योंकि सर्व प्रथम उन्हीं से आज्ञा लेकर शिवालयों में प्रवेश होता है। इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख रजनीश पांडेय, अनिल दीक्षित, प्रेम दुबे, प्रदीप तिवारी, हरियोगेंद्र सिंह, रमेश गुप्ता सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।