जिले में गेहूं खरीद एक अप्रैल से शुरू हो जाएगी। केंद्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1625 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया है। पिछले साल की तुलना में दरों इस बार दरों में मात्र 100 रुपये की वृद्धि की गई है। प्रदेश शासन की ओर से जिले के अधिकारियों को निर्देश जारी हो गए हैं। 16 फरवरी तक कृषि विभाग को गेहूं उत्पादन के आंकलन की रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
गेहूं खरीद को लेकर शासन के विशेष सचिव गया प्रसाद कमल ने कार्यक्रम जारी किया है। इसमें संपूर्ण व्यवस्थाएं 20 मार्च तक पूरा करने को कहा गया है। एजेंसी वार क्रय केंद्रों का चयन एवं स्वीकृति, एजेंसी का प्रस्ताव प्रेषण कार्य 16 फरवरी तक पूरा करने का समय दिया गया है। इसके बाद क्रय केंद्रों द्वारा खरीद आवश्यकता का आंकलन एवं मांग पत्र प्रेषण, धनराशि, बोरा, स्टॉक आदि संबंधी कार्य 27 फरवरी तक पूरा करने के निर्देश हैं।
इसी दौरान 10 से 14 मार्च तक जिले को गेहूं खरीद का लक्ष्य भी प्राप्त हो जाएगा। फिर 14 मार्च तक डीएम परिवहन दरों का निर्धारण करेंगे। गेहूं खरीद एजेंसियां 12 मार्च तक हैंडलिंग व परिवहन ठेकेदारों की नियुक्ति कर लेंगी। 14 मार्च तक एजेंसियां क्रय केंद्रों पर धनराशि व्यवस्था के तहत बैंक खाता खोलेंगी। केंद्रों पर बोरा, स्टॉफ, परिवहन व हैंडलिंग ठेकेदारों की नियुक्त करेंगी। क्रय केंद्रों पर किसानों की सुख-सुविधा का इंतजाम और सरकारी गेहूं खरीद का प्रचार-प्रसार का जिम्मा मंडी परिषद को दिया गया है। इसी के साथ ही जिले में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। डिप्टी आरएमओ लालजीत ने बताया कि समर्थन मूल्य व कार्यक्रम आ गया है।