औरैया। सावन के पहले सोमवार को देवकली मंदिर में भोर से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सावन माह को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की है। हालांकि, रूट डायवर्जन की पूरी जानकारी न होने के कारण कई भारी वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जालौन की ओर से आए कई भारी वाहन यमुना पुल पार कर शहर सीमा में दाखिल हो गए, लेकिन वहां मुस्तैद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर उन्हें आगे जाने से रोक दिया और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे की ओर रवाना कर दिया। यही स्थिति जालौन चौराहे के पास भी देखने को मिली। इधर, खानपुर चौराहे से मंदिर मार्ग पर केवल श्रद्धालुओं की बाइक, कार, ई-रिक्शा और ऑटो को ही अनुमति दी गई।
कन्नौज व छिबरामऊ से आने वाले भारी वाहनों को सौरिख कट से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा इटावा से आने वाले वाहनों को कुदरकोट कट व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से निकाला गया। बेला व दिबियापुर मार्ग पर भी रूट बदलकर यातायात संचालित किया गया। हालांकि, कानपुर-इटावा हाईवे पर आवागमन सामान्य बना रहा।
जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने लिया जायजा
सुरक्षा के लिहाज से सदर कोतवाली स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से लगातार निगरानी की गई। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने खुद कंट्रोल रूम पहुंचकर जायजा लिया। क्षेत्राधिकारी बिधूना पी पुनीत मिश्रा ने बताया कि डायवर्जन व्यवस्था सावन माह के प्रत्येक रविवार रात आठ बजे से सोमवार रात तक लागू रहेगी। इसके अलावा सावन शिवरात्रि के अवसर पर 10 अगस्त की रात आठ बजे से 11 अगस्त की रात तक भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा।