औरैया। सहायल थानाक्षेत्र के फकीरेपुरवा के पास बुधवार रात को हुए हादसे में दो दोस्तों को खोने वाला रोहित गुरुवार को दिन भर गुमसुम रहा। वह अपनी बहन का तिलक लेकर भी नहीं गया। समारोह भी सादगी के साथ हुआ।
हरियाणा के जिला फरीदाबाद में संजय इक्लेव निवासी गोपीराम का बेटा मयंक उर्फ मोनू डिजाइनर सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। परिवार में मां उर्मिला देवी, बड़ा भाई बंटी उर्फ अरविंद (कैब चालक) व पत्नी रिया हैं। रिया से मयंक की शादी 23 जनवरी को हुई थी।
मयंक बुधवार को औरैया के रजबाहापुर निवासी दोस्त रोहित की बहन के तिलक समारोह में शामिल होने साथी प्रथम उर्फ दीपू के साथ बुलेट से आया था। रात को बुलेट सवार मयंक व प्रथम तिलक लेकर कन्नौज रोड स्थित भंडरिया गांव जा रहे थे। तभी फकीरेपुरवा के पास सामने से आ रही प्राइवेट बस ने बुलेट सवार दोनों दोस्तों को टक्कर मार दी। चालक बस छोड़कर भाग गया था।
रोहित परिजनों के समेत दोस्तों को अस्पताल ले गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। हादसे के बाद रोहित व उसके परिजन परेशान हो गए। लड़के पक्ष के भी लोग अस्पताल पहुंचे। परिजनों में चीख पुकार मच गई। रोहित ने जानकारी दोनों के परिजनों को दी। दोस्तों की मौत होने पर रोहित अपनी सगी बहन के तिलक समारोह में शामिल नहीं हुआ। बस परिवार के एक-दो लोग ही समारोह में गए और सदगी से कार्यक्रम किया।
इधर, दोनों के परिजन अस्पताल पहुंचे और शव देखकर विलाप करने लगे। पुलिस ने गुरुवार को दोनों के शव का पोस्टमार्टम कराया। सहायल थाना प्रभारी राजकुमार राठौर ने बताया कि तहरीर मिली है, बस को कब्जे में लेकर चालक की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।
मयंक व रिया ने संजोए थे कई सपने
23 जनवरी को मयंक व रिया की शादी बड़ी धूमधाम से हुई थी। शादी में ही मयंक को बुलेट मिली थी। नवदंपती काफी खुशी से जिंदगी बीता रहे थे। दोनों ने इन 24 दिनों में कई सपने संजोएं थे, जो हादसे के बाद मिट्टी में मिल गए। बुधवार को मयंक ने रिया व मां से कार्यक्रम करके आने की बात कही थी।
शादी के लिए दीपू के लिए देखी गई थी लड़की
प्रथम उर्फ दीपू सिविल इंजीनियर था और परिवार में सबसे बड़ा था। छोटा भाई आकाश यूपी पुलिस में सिपाही है, वर्तमान में मुरादाबाद जिले में ट्रेनिंग पर है। परिवार में मां ऊषा व पिता राकेश हैं। राकेश की खुद की खराद (डाई) की कंपनी है। परिजनों ने बताया कि दीपू कारोबार में पिता का हाथ बंटता था।
इसकी शादी के लिए परिजन इसी फरवरी माह में मैनपुरी के बेवर में एक लड़की देखने गए थे। हालांकि रिश्ता अभी पक्का नहीं हुआ था। परिजन दीपू की शादी के सपने संजोने लगे थे। लेकिन सड़क हादसे में मौत होने पर परिजनों के सारे सपने दीपू के साथ ही खत्म हो गए।